पीलीभीत-हरिद्वार हाईवे पर बना ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त, ऊपर से जाने वाली सड़क धंसी हुआ बड़ा होल, कभी हो सकता है बड़ा हादसा

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पीलीभीत-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बने ओवरब्रिज ने कभी जाम से निजात दिलाकर राहत दी थी, लेकिन अब वही ओवरब्रिज लोगों के लिए खतरे की घंटी बन गया है। महज़ 26 महीने पहले जनता को सौंपा गया यह पुल भारी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गया और  ओवरब्रिज के ऊपर से गुजरने वाली सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया है। यह गड्ढा केवल आवागमन में बाधा ही नहीं डाल रहा, बल्कि किसी भी बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।

जाम से राहत तो मिली लेकिन अब खतरे में सफर

20 जुलाई 2023 को जहानाबाद बाईपास पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर यह ओवरब्रिज जनता को समर्पित किया गया था। इसके बनने के बाद वर्षों से चल रही जाम की समस्या का समाधान हुआ और लोगों को राहत मिली। लेकिन अब, सिर्फ दो साल से भी कम समय में पुल पर बने गड्ढे ने इसके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारिश ने खोली ओवरब्रिज की पोल

पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद पुल की सतह अचानक धंस गई है और उसपर एक बड़ा गड्ढा यानी होल हो गया है। होल इतना  चौड़ा है कि किसी वाहन का पहिया इसमें फंसने पर बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोग भी इसे लेकर चिंतित हैं और यात्री असमंजस की स्थिति में पुल से गुजर रहे हैं।

सुरक्षा के नाम पर सिर्फ बैरिकेड

फिलहाल प्रशासन ने आनन फानन में एहतियातन होल यानी गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी है। लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। तेज रफ्तार वाहन अगर बैरिकेड से टकरा जाएं तो दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है। सवाल यह है कि 26 महीनों के भीतर ही ओवरब्रिज पर ऐसा बड़ा गड्ढा कैसे बन गया?

निर्माण कंपनी पर से बड़ा सवाल

इस घटना ने ओवरब्रिज निर्माण करने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। करोड़ों की लागत से बने इस हाईवे पुल पर इतनी जल्दी खराबी आना कहीं न कहीं निर्माण में हुई लापरवाही की ओर इशारा करता है। आमजन का कहना है कि अगर समय रहते इसकी मरम्मत और जांच नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं।

स्थानीय लोगों ने कही ये बात

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे अथॉरिटी और जिला प्रशासन को तुरंत इस मामले पर कार्रवाई करनी चाहिए। सिर्फ बैरिकेड लगाकर मामले को टालना समाधान नहीं है। पुल की मरम्मत के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता की जांच भी आवश्यक है ताकि भविष्य में वहां से गुजरने वाले लोगों की जान से खिलवाड़ न हो।

पीलीभीत-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद ओवरब्रिज पर बना यह होल प्रशासन और निर्माण कंपनियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। यह केवल एक सड़क की समस्या नहीं, बल्कि उन सभी लापरवाहियों का परिणाम है जो निर्माण कार्यों में बरती जाती हैं। जनता ने भरोसा किया, लेकिन दो साल में ही पुल की हालत ने उस भरोसे को तोड़ दिया। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इस मामले को गंभीरता से लेंगे या फिर कोई बड़ा हादसा होने का इंतज़ार करेंगे?

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