बागपत में NH-709B पर जल प्रलय, हाईवे नदी में तब्दील, मंत्री सहित एंबुलेंस जाम में फंसी
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बागपत में मूसलाधार बारिश ने हालात ऐसे बिगाड़ दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-709B नदी में तब्दील हो गया। जहां कभी गाड़ियों की रफ्तार दिखती थी, वहां अब पानी की लहरें बहती नजर आईं। घंटों तक लगे भीषण जाम ने मंत्री से लेकर आमजन तक सबको बेहाल कर दिया। यह दृश्य केवल बारिश की ताकत ही नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की पोल भी खोलता है।
एंबुलेंस और मंत्री की कार फंसी
तेज बारिश के बाद हाईवे पर पानी भर गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एंबुलेंस तक जाम में फंस गई। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाना मुश्किल हो गया।
इसी बीच प्रदेश सरकार के वन राज्य मंत्री केपी मलिक की गाड़ी भी इस जलजमाव में फंस गई। मंत्री को भी रेंगती हुई गाड़ियों के बीच जाम का सामना करना पड़ा।
मंत्री का बयान
मंत्री ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सम्बंधित विभागीय मंत्री से संपर्क किया। उन्होंने जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए और अधिकारियों को फटकार लगाई कि आम जनता इस तरह की परेशानी क्यों झेले।
हाईवे पर बहती लहरें और भीषण जाम
NH-709B पर पानी इतना भर गया कि सड़क पर बहती लहरें किसी नदी का अहसास करा रही थीं। गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं और लोग जाम में बेहाल नजर आए। जो सड़कें विकास की तस्वीर पेश करती हैं, वहीं बारिश के कुछ घंटों ने उन्हें अव्यवस्था और बदहाली का आईना बना दिया।
बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
इस घटना ने साफ कर दिया कि थोड़ी सी तेज बारिश भी हमारी व्यवस्थाओं की कलई खोल देती है। जिस हाईवे को लाखों की लागत से बनाया गया, वहीं जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से पानी का सैलाब खड़ा हो गया। नतीजा यह हुआ कि मंत्री हों या आमजन, हर कोई इस अव्यवस्था के शिकार बने।
बागपत में हुआ यह जल प्रलय केवल बारिश की मार नहीं, बल्कि लापरवाहियों की निशानी भी है। सड़कें और हाईवे तब तक विकास का प्रतीक नहीं बन सकते, जब तक उन पर पानी निकासी और आपदा प्रबंधन की उचित व्यवस्था न हो। यह घटना प्रशासन और जिम्मेदार विभागों के लिए चेतावनी है कि जनता की परेशानी को अब और अनदेखा नहीं किया जा सकता।