कानपुर जेल से रिहा हो गए पूर्व सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी के भाई, अब इरफ़ान भी छूट कर पहुंचेंगे अपने घर

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कानपुर की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बने पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी को आखिरकार राहत मिल गई है। हाई कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली, जिसके बाद अब जेल से उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस खबर की चर्चा जोर पकड़ रही है।

जवान सोलंकी की जेल से रिहाई

हाई कोर्ट से आदेश मिलते ही सबसे पहले कानपुर जेल में बंद रिजवान सोलंकी को रिहा किया गया। जेल से बाहर आने के बाद वे सीधे अपने पिता की कब्र पर पहुंचे और वहाँ फातिहा पढ़कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे महाराजगंज जेल रवाना हो गए, जहाँ उनके भाई और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी बंद हैं।

इरफान सोलंकी का मामला

ज्ञात हो कि कानपुर के सीसामऊ क्षेत्र से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी पर गंभीर आरोप लगे थे। उन पर आगजनी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज हुए थे। इन मामलों में गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेजा गया। इस घटना के बाद इरफान सोलंकी को अपने विधायक पद से भी हाथ धोना पड़ा।

राजनीतिक घटनाक्रम और पत्नी की जीत

इरफान सोलंकी की जेल यात्रा के बाद जब सीसामऊ सीट पर उपचुनाव हुआ तो सपा ने उनकी पत्नी को प्रत्याशी बनाया। दिलचस्प बात यह रही कि जनता ने एक बार फिर सोलंकी परिवार पर विश्वास जताया और उनकी पत्नी को विजय दिलाई। इससे साफ है कि विवादों के बावजूद क्षेत्र में उनका राजनीतिक प्रभाव बरकरार रहा।

जानिए हाई कोर्ट का निर्णय और जमानत

लंबे समय तक चले कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार हाई कोर्ट ने इरफान और रिजवान दोनों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इस फैसले ने परिवार और समर्थकों को बड़ी राहत दी है। अदालत के इस आदेश के बाद दोनों की जेल से रिहाई सुनिश्चित हो गई है। रिजवान पहले ही बाहर आ चुके हैं और अब जल्द ही इरफान सोलंकी भी जेल से बाहर होंगे।

समर्थकों में दिख रहा उत्साह

रिहाई की खबर सामने आते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। जगह-जगह मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं और लोग इसे सोलंकी परिवार के लिए नई शुरुआत मान रहे हैं। वहीं विरोधी पक्ष इस पर अपने राजनीतिक तर्क रख रहे हैं, लेकिन सपा समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं।

यह पड़ रहा सामाजिक और राजनीतिक असर

इरफान सोलंकी की रिहाई का असर न केवल कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है। सपा के लिए यह बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि सीसामऊ जैसे क्षेत्र में उनकी पकड़ और मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर, विरोधी दल इस मुद्दे को अलग दृष्टिकोण से देख रहे हैं।

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