UP News: बरेली में मंदिर पर कब्ज़ा, अलीगढ में शिवलिंग को मिट्टी में दबाने की कोशिश.. दो नए विवाद !

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UP News: उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में प्राचीन मंदिरों की खोज और विवादों का सिलसिला जारी है। काशी और संभल के बाद अब अलीगढ़ और बरेली में मंदिरों से संबंधित नए मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है।

50 साल पुराने मंदिर का मामला: अलीगढ़

अलीगढ़ जिले के थाना बन्ना देवी क्षेत्र के सराय रहमान मोहल्ले में 50 साल पुराना मंदिर मिलने का मामला सामने आया है। इस मंदिर से देवी-देवताओं की मूर्तियां गायब हैं, और शिवलिंग को मिट्टी में दबाने की कोशिश की गई है। इस मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और उन्होंने शिवलिंग की पूजा शुरू की।

मंदिर के इतिहास की बात करें तो पहले यहां कंजर समुदाय के लोग पूजा-अर्चना करते थे। लेकिन धीरे-धीरे हिंदू आबादी के पलायन के बाद यह मंदिर उपेक्षित हो गया। अब आरोप है कि मंदिर को नुकसान पहुंचाकर वहां अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्रशासन और पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया है, और मंदिर के आसपास सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।

गंगा महारानी मंदिर पर विवाद: बरेली

वहीं, दूसरी ओर बरेली के किला क्षेत्र के कटघर इलाके में 250 साल पुराने गंगा महारानी मंदिर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर के वंशज राकेश सिंह ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने मंदिर पर कब्जा कर लिया है।

राकेश सिंह का दावा है कि उनके पूर्वजों ने यह मंदिर 1800 के दशक में बनवाया था। दस्तावेजों के अनुसार, मंदिर में पूजा-अर्चना 1950 तक होती रही। लेकिन बाद में मंदिर के चौकीदार वाहिद अली ने इसे बंद कर दिया और मंदिर से मूर्तियां और शिवलिंग गायब कर दिए।

वर्तमान में मंदिर का पूरा इलाका मुस्लिम बहुल हो गया है, जिसके चलते हिंदू समुदाय का वहां जाना मुश्किल हो गया है। राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और गंगा महारानी मंदिर को मुक्त कराने की अपील की है।

मंदिर विवाद की कड़ी: संभल और काशी से शुरू

संभल और काशी में पहले ही मंदिर विवादों ने बड़ा रूप ले लिया है। संभल में 1978 के दंगों के बाद से बंद पड़े मंदिरों की फाइलें अब फिर से खोली जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया और अधिकारियों को इन मामलों की गहन जांच के आदेश दिए।

काशी में ज्ञानवापी मस्जिद और मंदिर विवाद पहले से ही सुर्खियों में है। वहां की स्थानीय अदालत में मंदिर और मस्जिद के स्वामित्व को लेकर मुकदमा लंबित है।

लगातार बढ़ रहे मंदिर विवाद: क्या है समाधान?

उत्तर प्रदेश में मंदिरों को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहे हैं।

  • हिंदू संगठनों की सक्रियता: बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन अब इन मामलों में खुलकर सामने आ रहे हैं और मंदिरों की पूजा-अर्चना को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
  • प्रशासन की भूमिका: प्रशासन और पुलिस इन विवादों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। अलीगढ़ और बरेली में अधिकारियों ने मंदिर से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
  • सरकारी हस्तक्षेप की मांग: राकेश सिंह और अन्य हिंदू परिवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इन मामलों में हस्तक्षेप की अपील की है।

निष्कर्ष:

मंदिरों को लेकर बढ़ते विवाद न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी जन्म दे रहे हैं।

  • प्राचीन मंदिरों का संरक्षण: इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि प्राचीन मंदिरों का संरक्षण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
  • सामाजिक सद्भाव: धार्मिक स्थानों को विवाद का केंद्र बनाने के बजाय सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।

योगी सरकार की सक्रियता और प्रशासनिक हस्तक्षेप से इन विवादों का हल निकलने की उम्मीद है। लेकिन यह भी जरूरी है कि समाज के सभी वर्ग आपसी सहयोग से इन मुद्दों को सुलझाएं।

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