Cyber crime: बरेली में ऑनलाइन फ्रॉड का पाठ पढ़ाने वाले प्रोफेसर को ही ठगा, बस एक गलती और..
Cyber crime: साइबर सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है, लेकिन यह जानकर हैरानी होती है कि खुद सुरक्षा का पाठ पढ़ाने वाले प्रोफेसर साइबर ठगी का शिकार हो गए। बरेली में दो अलग-अलग साइबर अपराध के मामले सामने आए, जिनमें एक प्रोफेसर और एक व्यापारी ठगों के जाल में फंस गए।
प्रोफेसर से 60 हजार रुपये की ठगी
“हेलो, मैं बैंक से बोल रहा हूं…”
इसी वाक्य के साथ जालसाज ने बरेली कॉलेज के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रोफेसर को ठगी का शिकार बना लिया। ठग ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर 7,000 रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम जुड़ने वाला है। इसे हटवाने के लिए प्रोफेसर को एक प्रक्रिया फॉलो करने को कहा गया।
प्रोफेसर ने घबराहट में अपनी जानकारी और ओटीपी साझा कर दिया। इसके तुरंत बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 60,000 रुपये कट गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई और बैंक को कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराया।
व्यापारी से डीलरशिप के नाम पर 50 हजार की ठगी
शीतल पेय की डीलरशिप दिलाने के नाम पर बरेली के मोहम्मद आरिफ आगा से 50 हजार रुपये ठग लिए गए। आरिफ ने रिलायंस कैंपाकोला की डीलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन स्वीकार होने पर उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए बैंक खाता नंबर दिया गया, जिसमें उन्होंने 49,500 रुपये जमा कर दिए।
जब उनसे पांच लाख रुपये और मांगे गए, तो आरिफ को शक हुआ। उन्होंने मुंबई जाकर बताए गए पते पर जांच की, लेकिन वहां कोई कार्यालय नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
सावधानी की जरूरत: जानिए, कैसे बचें साइबर ठगों से?
- किसी अजनबी कॉलर को ओटीपी साझा न करें।
- बैंक डिटेल्स या निजी जानकारी साझा करने से बचें।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी भी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- वीडियो कॉल ठगी से बचें—न्यूड वीडियो कॉल के बढ़ते मामलों से सतर्क रहें।
बढ़ते साइबर अपराध पर प्रशासन का रुख
बरेली साइबर सेल ने इन दोनों मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। ऐसे मामलों में ठग स्मार्ट तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेते हैं।
आप भी सतर्क रहें, जागरूक बनें, और किसी भी ठगी का शिकार होने से बचें।