Prabhat Pandey Case: कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत पर सियासी संग्राम, अंतिम संस्कार, विरोध प्रदर्शन !

0
congress-karyakarta-prabhat-pandey-death-political-controversy

Prabhat Pandey Case: कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत ने उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। लखनऊ में जहां पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय में छानबीन की, वहीं गोरखपुर में प्रभात के अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।

लखनऊ में पुलिस की कार्रवाई

गुरुवार सुबह लखनऊ के कांग्रेस कार्यालय में पुलिस ने छानबीन की और कांग्रेस कार्यकर्ता राकेश को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। दूसरा कार्यकर्ता द्वारिका को भी ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। पुलिस के इस कदम से कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

गोरखपुर में अंतिम संस्कार के दौरान हंगामा

गोरखपुर के राप्ती नदी किनारे प्रभात पांडेय का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय श्रद्धांजलि देने पहुंचे। लेकिन भाजपा समर्थकों ने उनका विरोध करते हुए “अजय राय वापस जाओ” और “हत्यारा पार्टी वापस जाओ” के नारे लगाए।

अजय राय ने कहा, “मैं प्रभात को श्रद्धांजलि देने आया हूं। यह भाजपा की गंदी राजनीति है। पुलिस प्रशासन ने हर जगह नाकेबंदी की है। क्या हम अपने कार्यकर्ता को अंतिम प्रणाम भी नहीं कर सकते?”

प्रभात के परिवार का शोक

congress-karyakarta-prabhat-pandey-death-political-controversy

गुरुवार सुबह प्रभात का शव गोरखपुर स्थित उनके घर पहुंचा। बेटे का शव देखकर मां बेसुध हो गईं, और पिता ने इसे अपने “कर्मों का दोष” बताते हुए गहरा शोक प्रकट किया।

राजनीतिक संग्राम तेज

कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि पार्टी प्रभात पांडेय की मौत को लेकर 20 दिसंबर को पूरे प्रदेश में श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन करेगी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

अजय राय का विवादित बयान

अंतिम संस्कार के दौरान हुए विवाद पर अजय राय ने जनेऊ दिखाकर कहा, “मैं 24 कैरेट का ब्राह्मण हूं। झूठा नहीं हूं। आधी रात को भी जरूरत पड़ेगी, तो मैं हाजिर रहूंगा।”

मौत पर सियासत और सवाल

प्रभात की मौत ने कांग्रेस और भाजपा के बीच तनाव बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने प्रशासन और भाजपा पर आरोप लगाए हैं कि प्रभात की मौत पुलिस की मारपीट से हुई है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर “राजनीतिक नौटंकी” करने का आरोप लगाया है।

आगे की रणनीति

कांग्रेस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने यह भी घोषणा की है कि वे प्रभात के परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

यह मामला उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर गहरी छाप छोड़ रहा है। प्रभात पांडेय की मौत पर सियासी संग्राम और परिवार का दर्द दोनों ही ध्यान देने योग्य हैं।

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading