Pilibhit: निर्माणाधीन होम स्टे पर हादसा, 1 की मौत, 3 घायल
Pilibhit: में निर्माणाधीन होम स्टे पर हादसा, मजदूर की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल
पीलीभीत। माधोटांडा थाना क्षेत्र के डगा गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने गांव और आसपास के इलाके को झकझोर दिया। निर्माणाधीन होम स्टे के शौचालय टैंक की खुदाई के दौरान मिट्टी का ढेर अचानक गिर गया, जिससे एक मजदूर की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की गंभीरता और लापरवाही की बातें ग्रामीणों और स्थानीय अधिकारियों दोनों ने सामने रखी हैं।
मिट्टी का ढेर बना मौत का कारण
मौके पर मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा अनिल साहू के निर्माणाधीन होम स्टे स्थल पर हुआ। शौचालय के टैंक की खुदाई के दौरान मिट्टी का दीवारनुमा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे चारों मजदूर उसके नीचे दब गए। घटना की भयावहता देखकर आसपास के मजदूर और ग्रामीण तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और मलबे से दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला।
घायलों और मृतक की स्थिति
मलबे से बाहर निकाले गए मजदूरों को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने 27 वर्षीय मोहम्मद मोईन को मृत घोषित कर दिया, जो अपने परिवार का इकलौता सहारा था। हादसे में घायल हुए रवि, शादाब और हसनैन का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल
स्थानीय लोगों ने इस हादसे को निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का परिणाम बताया। मजदूरों को न तो सुरक्षा उपकरण दिए गए थे, और न ही मिट्टी हटाने के लिए कोई तकनीकी व्यवस्था अपनाई गई थी। ग्रामीणों ने रिसोर्ट मालिक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन होता, तो यह हादसा होता ही नहीं था।
पुलिस कार्रवाई और जांच
माधोटांडा थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और निर्माणाधीन होम स्टे के शौचालय टैंक की खुदाई के दौरान हुए हादसे की सामने आयी है । उन्होंने बताया कि मिट्टी का दीवारनुमा हिस्सा अचानक भरभराकर गिरने से मजदूर दब गए थे। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सबसे पहले घायल मजदूरों को बाहर निकालने और उनका इलाज सुनिश्चित करने के साथ-साथ मृतक मोहम्मद मोईन के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले की पूरी गहनता से जांच की जा रही है।
ग्रामीणों और अधिकारियों का संदेश
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह हादसा यह संदेश देता है कि काम की जल्दबाजी और सुरक्षा की अनदेखी मजदूरों के जीवन के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
पीलीभीत का यह हादसा सिर्फ एक निर्माण दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा और जिम्मेदारी की अनदेखी का भी नतीजा है। मजदूरों की जान बचाने के लिए सख्त नियम, प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों का होना आवश्यक है। यह घटना पूरे क्षेत्र को याद दिलाती है कि मेहनतकश मजदूरों की सुरक्षा हर हाल में प्राथमिकता होनी चाहिए।
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