CM योगी ने लखनऊ में संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी को दी अंतिम श्रद्धांजलि, जताया शोक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ स्थित शिव शांति आश्रम पहुंचकर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने संत शिरोमणि के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि चढ़ाई और उपस्थित शोकाकुल अनुयायियों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के पार्थिव शरीर पर केसरिया अंग वस्त्र ओढ़ाया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। गौरतलब है कि संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी बुधवार को ब्रह्मलीन हो गए थे।
सीएम योगी ने जताया शोक
संत के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा था— कि “सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, पूज्य श्री शांति आश्रम के पीठाधीश्वर, संत शिरोमणि श्री सांईं चांडूराम साहिब जी का निधन अत्यंत दु:खद और आध्यात्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है। मेरी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त अनुयायियों के साथ हैं। भगवान झूलेलाल से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और अनुयायियों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”
इस संदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री ने न केवल संत के योगदान को याद किया, बल्कि उनके अनुयायियों को धैर्य और सांत्वना देने का प्रयास भी किया।
श्रद्धालुओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान आश्रम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुजन और अनुयायी संत के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उनके आदर्शों को समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का संकल्प लेते दिखे।
संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी का रहा बड़ा योगदान
संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी को सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु के रूप में जाना जाता था। उनके नेतृत्व में शांति, सेवा और आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा मिला। उन्होंने समाज में सद्भाव और धार्मिक समरसता का संदेश फैलाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में यह बात कही कि संत का निधन आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनके आदर्श और शिक्षाएं हमेशा अनुयायियों के मार्गदर्शन का स्रोत बनी रहेंगी।
मुख्यमंत्री का संवेदनशील रवैया
मुख्यमंत्री योगी ने इस दौरान न केवल श्रद्धांजलि दी, बल्कि उपस्थित अनुयायियों के प्रति सहानुभूति और संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के बताए मार्ग का अनुसरण करना और समाज में उनकी शिक्षाओं को फैलाना, उनके योगदान को सजीव बनाए रखने का सर्वोत्तम तरीका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “संतों का योगदान केवल आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण होता है। हमें उनके आदर्शों को अपनाते हुए समाज में शांति, सद्भाव और सेवा भाव को आगे बढ़ाना चाहिए।”
श्रद्धा और अनुशासन का संदेश
संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक और नैतिक संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल सभी लोग संत के आदर्शों और शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते दिखे।