वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार संग उतारी प्रभु श्रीरामलला की आरती, किया महादेव का अभिषेक
भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या ने एक बार फिर अपनी भव्यता और आस्था का अद्भुत प्रदर्शन देखा। 9 अक्टूबर 2025, गुरुवार का दिन इस ऐतिहासिक नगरी के लिए विशेष बन गया, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने परिवार के साथ प्रभु श्रीरामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचीं।
उन्होंने श्रीरामलला की आरती उतारी और श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और भगवान महादेव के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कुबेर टीला स्थित महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक भी संपन्न किया।
ट्रस्ट ने कराया मंदिर भ्रमण
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने स्वयं वित्त मंत्री को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया। उन्होंने मंदिर के निर्माण कार्य, वास्तुकला और पौराणिक महत्व से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।
निर्मला सीतारमण ने मंदिर की भव्यता देखकर गर्व और भावुकता दोनों का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि, “अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। यहां आकर एक असीम ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है।”
भक्ति और उल्लास से गूंज उठा मंदिर परिसर
आरती के समय पूरा परिसर भक्ति रस से सराबोर हो उठा। सरयू तट से आती ठंडी हवा और भजनों की मधुर ध्वनि ने माहौल को और पवित्र बना दिया। दीपों की रौशनी और श्रद्धालुओं की आवाज़ में एक स्वर से गूंज उठा — “जय श्रीराम!”
वित्त मंत्री ने स्वयं आरती में दीप प्रज्ज्वलित किया और परिवार के साथ श्रद्धालुओं के बीच शामिल होकर प्रभु श्रीराम के चरणों में नतमस्तक हुईं।
कुबेर टीला पर किया महादेव का रुद्राभिषेक
श्रीरामलला की आरती के बाद निर्मला सीतारमण कुबेर टीला पहुंचीं, जहां उन्होंने देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक किया। कहा जाता है कि कुबेर टीला वह स्थान है जहां भगवान कुबेर ने तपस्या की थी।
वित्त मंत्री ने जल, बेलपत्र, दूध और गंगाजल से अभिषेक करते हुए देश की समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज ने पूरा वातावरण आध्यात्मिक बना दिया।
ट्रस्ट द्वारा हुआ स्वागत
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से निर्मला सीतारमण का पुष्पगुच्छ और शाल देकर स्वागत किया गया। ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें मंदिर के सुरक्षा प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था और विकास योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री एवं अयोध्या प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी उपस्थित रहे। दोनों मंत्रियों ने सीतारमण के साथ रामलला के दर्शन किए और मंदिर परिसर में चल रही तैयारियों का जायजा लिया।
अयोध्या का आध्यात्मिक गौरव
अयोध्या अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भक्त यहां रामायणकालीन इतिहास और आधुनिक भव्यता का संगम देखने आते हैं। अयोध्या की गलियां अब दिव्यता, संस्कृति और समर्पण का प्रतीक बन चुकी हैं।
निर्मला सीतारमण ने व्यक्त किया भावनात्मक अनुभव
वित्त मंत्री ने आरती के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि, “अयोध्या में आकर ऐसा लगता है जैसे जीवन को एक नई दिशा मिल गई हो। यह स्थान केवल श्रद्धा का नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा से जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के हर नागरिक को अयोध्या आने और श्रीरामलला के दर्शन करने का सौभाग्य अवश्य प्राप्त करना चाहिए।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही यात्रा
निर्मला सीतारमण की यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वित्त मंत्री होने के बावजूद उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर परिवार संग अयोध्या में आराधना की, जो उनके आस्था और संस्कार का परिचायक है।
इसके अलावा, इस अवसर पर अयोध्या के मंदिर परिसर में चल रही विकास योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।
भव्य राममंदिर का आकर्षण
श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहा भव्य राममंदिर अब अपने अंतिम चरण में है। इसके निर्माण के बाद अयोध्या का वैश्विक महत्व और भी बढ़ गया है। यहां का हर पत्थर, हर दीपक और हर भजन भारत की संस्कृति और श्रद्धा की कहानी कहता है। इसलिए, निर्मला सीतारमण की यह यात्रा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रही — यह भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव बन गई।