कानपुर में हुए स्कूटी धमाके का हुआ खुलासा, पुलिस कमिश्नर ने अफवाह फैलाने वालों को दी चुनौती, जरूर पढ़ें
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में बुधवार रात एक बड़ा हादसा सामने आया। थाना मूलगंज क्षेत्र के मेस्टन रोड स्थित मिश्री बाजार में 8 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 7:15 बजे दो स्कूटी में अचानक ब्लास्ट हो गया। इस घटना में आठ लोग घायल हुए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गंभीर रूप से घायल चार व्यक्तियों को लखनऊ रेफर किया गया है, जबकि दो घायलों का इलाज कानपुर के अस्पताल में चल रहा है। दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में हुआ यह बड़ा खुलासा
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह विस्फोट किसी आतंकी गतिविधि से नहीं, बल्कि अवैध पटाखों के भंडारण से संबंधित था।
दरअसल, जिस जगह स्कूटी में ब्लास्ट हुआ, उसके समीप एक दुकान से बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद किए गए। इतना ही नहीं, करीब 25 मीटर दूर स्थित एक गोदाम से भी अत्यधिक मात्रा में विस्फोटक पदार्थ (Explosive Materials) मिले हैं, जिनका उपयोग **पटाखों के निर्माण** में किया जाता था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि घटना का कारण अवैध रूप से रखे गए पटाखे ही थे।
सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे अफवाहों का खंडन
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस ब्लास्ट को “मस्जिद के पास हुए विस्फोट” और “खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स” जैसी गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की गई।
हालांकि, कानपुर पुलिस ने तुरंत इन अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि — “यह पूर्णतः असत्य और भ्रामक है। यह एक स्थानीय स्तर की दुर्घटना है, जो अवैध पटाखों के भंडारण से उत्पन्न हुई है।”
इसलिए, नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की **भ्रामक सूचना या फेक न्यूज़** को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
कानपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस पटाखे रखने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब तक 12 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटनास्थल से दो स्कूटी बरामद की गई हैं। इनमें से एक स्कूटी उसी व्यक्ति की बताई जा रही है, जो गंभीर रूप से घायल होकर लखनऊ रेफर किया गया है। जबकि दूसरी स्कूटी चोरी की पाई गई, जिसके बारे में पुलिस अतिरिक्त जांच कर रही है।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। थाना मूलगंज के SHO सहित पाँच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
पढ़िए पुलिस का आधिकारिक बयान
कानपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि — “इस घटना में किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि या संगठन विशेष की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है। यह पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर अवैध पटाखों के भंडारण से हुई दुर्घटना है।”
इसके साथ ही यह भी कहा गया कि **शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है** तथा विस्फोटक पदार्थ रखने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन ने जनता से की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तुओं, पटाखों या विस्फोटक पदार्थों को बिना अनुमति न रखें। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से पटाखों का भंडारण कर रहा हो, तो उसकी तुरंत सूचना पुलिस को दें।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में मची थी हलचल
घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग और विस्फोट के प्रभाव को नियंत्रित किया।
इसके अलावा, घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि **त्योहारों से पहले ऐसे अवैध पटाखा गोदामों** की पहचान की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।