कांशीराम पुण्यतिथि पर मायावती ने किया सियासी शक्ति प्रदर्शन, गठबंधन पर जताई स्पष्ट नीति

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लखनऊ में कांशीराम पुण्यतिथि के अवसर पर बसपा प्रमुख मायावती ने महारैली का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने पार्टी समर्थकों और जनता के बीच अपने राजनीतिक संदेश को स्पष्ट रूप से रखा। मायावती ने कहा कि,

“आज की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं।”

इस बयान से स्पष्ट होता है कि बसपा समर्थक जनता में आज भी मायावती और उनके विचारों के प्रति मजबूत आस्था और विश्वास है।

बीजेपी सरकार को किया धन्यवाद

मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार ने रैली स्थल की मरम्मत कराई, जिसके लिए वह धन्यवाद देती हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बसपा किसी भी गठबंधन में नहीं जाएगी, बल्कि अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का प्रयास करेगी।

उन्होंने कहा,“हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज को एकजुट करना और बूथ स्तर पर बहुजन समाज जोड़ना प्राथमिकता है।”

समाज और आरक्षण पर व्यक्त किए विचार

मायावती ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय और आरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभी तक आरक्षण का पूरा लाभ समाज के पिछड़े वर्गों को नहीं मिला है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण लागू करना अत्यंत आवश्यक है ताकि समान अवसर मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्लिम और पिछड़े समाज का विकास अधूरा है और वर्तमान कानून व्यवस्था **संतोषजनक नहीं** है।

न्यायिक मामलों और CBI पर बयान

मायावती ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उन्हें CBI के जंजाल में फंसाने की साजिश हुई और उनके खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कराए गए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया दलित और पिछड़े समाज की आवाज़ को दबाने की कोशिश थी।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नजर

मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार को अमेरिकी टैरिफ और अन्य आर्थिक मुद्दों पर सचेत रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए और किसी भी धर्म या जाति पर टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

विकास और कानून व्यवस्था पर जताई चिंता

बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा और बीजेपी सरकारों ने समाज के विकास को नजरअंदाज किया है। उनके अनुसार गरीबी और बेरोजगारी बढ़ गई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का विकास अब तक नहीं हो पाया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था कोई अच्छी नहीं है, इसलिए प्रशासन को इसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

आस्था और राजनीतिक संदेश का संगम

मायावती ने अपने भाषण में साफ शब्दों में कहा कि आई लव की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनका यह भी संदेश था कि सभी को संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए, और किसी भी प्रकार की राजनीति केवल वोट बैंक तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बसपा जातिवाद पर आधारित राजनीति करती है और समाज के पिछड़े और दलित वर्गों के लिए काम करती रहेगी।

आकाश आनंद पर जताया भरोसा

मायावती ने अपने युवा नेताओं पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद मेरे मार्गदर्शन में मेहनत कर रहे हैं और भविष्य में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज को एकजुट करने की अपील

रैली में मायावती ने अपने अनुयायियों से कहा कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर बहुजन समाज को जोड़ना और राजनीतिक शक्ति के रूप में खड़ा करना आज की आवश्यकता है।

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