Yamuna Expressway Accident: जगद्गुरु कृपालु महाराज की बेटी की हादसे में मौत, दो बेटियां गंभीर
Yamuna Expressway Accident: रविवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जगद्गुरु कृपालु महाराज की बड़ी बेटी और जगद्गुरु कृपालु परिषत की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी का निधन हो गया। हादसे में उनकी दो बहनें, डॉ. कृष्णा त्रिपाठी और डॉ. श्यामा त्रिपाठी समेत 5 अन्य लोग घायल हो गए। सभी को दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल रेफर किया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
डॉ. विशाखा त्रिपाठी अपनी बहनों के साथ दिल्ली एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए फ्लाइट पकड़ने जा रही थीं। वे टोयोटा कैमरी कार में सवार थीं। दनकौर क्षेत्र में सुबह 5 बजे तेज रफ्तार कैंटर ने उनकी कार समेत दो अन्य वाहनों को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस को सूचित किया। घायलों को पहले ग्रेटर नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और फिर अपोलो हॉस्पिटल रेफर किया गया। इलाज के दौरान डॉ. विशाखा की मृत्यु हो गई।

हादसे के बाद कैंटर चालक फरार
हादसे के बाद कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। कैंटर में भारी मात्रा में कॉर्टन लदा हुआ था। पुलिस ने कैंटर जब्त कर लिया है और ड्राइवर की तलाश जारी है। जेवर कोतवाल मुनेंद्र सिंह के अनुसार, अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।
कृपालु महाराज की विरासत संभाल रहीं थीं डॉ. विशाखा
डॉ. विशाखा त्रिपाठी, प्रेम मंदिर (वृंदावन) और मनगढ़ भक्ति धाम (प्रतापगढ़) की अध्यक्ष थीं। जगद्गुरु कृपालु महाराज के निधन के बाद, उनकी बेटियों को इस जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डॉ. विशाखा अपने धर्म और समाजसेवा के कार्यों के लिए जानी जाती थीं।
वृंदावन में होगा अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डॉ. विशाखा का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह वृंदावन लाया जाएगा। अंतिम दर्शनों के लिए प्रेम मंदिर परिसर में रखा जाएगा। इसके बाद यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार होगा।
श्रद्धांजलि का दौर शुरू
जगद्गुरु कृपालु परिषत ने डॉ. विशाखा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सेवा और नेतृत्व को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।” सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों का सिलसिला शुरू हो चुका है।
यह हादसा कृपालु महाराज की विरासत के लिए एक बड़ी क्षति है।