आखिर क्यों सख्त अंदाज में दिखे कानपुर के पुलिस कमिश्नर – क्लिक करिए और जान लीजिए
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा – कानपुर नगर
Kanpur News – जिले में इन दिनों मादक पदार्थों की बिक्री के खिलाफ उत्तरी कमिश्नर पुलिस का एक और गंभीर अंदाजा उस वक्त देखने को मिला जब कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉक्टर आर. के. स्वर्णकार स्वयं ही निरीक्षण पर निकल पड़े। जहां उन्होंने ने किदवई नगर थाने पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। लेकिन अचानक उनके द्वारा पूछे गए एक सवाल पर थाना प्रभारी समेत थाने में तैनात अन्य पुलिस कर्मचारी सक्ते में आ गए। क्योंकि पुलिस आयुक्त श्रीमान स्वर्णकार जी का इशारा था क्षेत्र में चल रही मादक पदार्थ की बिक्री का। जिसका जिक्र सिर्फ आज ही नहीं बल्कि वर्षों से होता चला आ रहा है।
सख्त अंदाज में थे पुलिस आयुक्त
हेलो एसएचओ महोदय और हेलो एसीपी महोदय यह क्या सुन रहा हूं कि आपके इलाके में खुलेआम चरस गांजा बिक रहा है और आप हैं कि हाथ पर हाथ रख कर बैठे हुए हैं। इस सवाल का जवाब दीजिए नहीं तो एक्शन लिया जाएगा। कुछ इस सख्त तेवर के अंदाज में कानपुर के पुलिस आयुक्त डॉक्टर आर. के. स्वर्णकार थाना किदवई नगर के समस्त स्टाफ से सवाल पूछ रहे थे। किसी के पास नहीं था। सभी चुप्पी साध कर जी सर-जी सर के स्वर बोल रहे थे।
अब होगी कार्रवाई
आपको बताते बताते चलें कि वैसे तो सरकार के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थ विरोधी अभियान चला आ रहा है। लेकिन कानपुर के काकादेव और नवाबगंज थाना प्रभारियों के बीच जो हुआ उस कांड ने फिर से कानपुर पुलिस के लिए इसे गहनता का विषय बना दिया। जिसके मद्देनजर अब कानपुर के कमिश्नर ऑफ़ पुलिस आर.के. स्वर्णकार ने खुद ही इसकी कमान अपने हाथों में उठा ली है और पूरे कानपुर के उन इलाकों को चिन्हित करते हुए जहां मादक पदार्थ की बिक्री की सूचना चर्चा में बनी रहती है, उस क्षेत्र के सम्बंधित थाना प्रभारियों को पहला टारगेट बनाया है। जिसके चलते पुलिस आयुक्त महोदय का साफ़ इशारा है कि अगर किसी भी क्षेत्र से मादक पदार्थ बिक्री की खबर मिलती है तो उसका सबसे पहले दोषी सम्बंधित थाना प्रभारी के साथ-साथ चौकी प्रभारी को माना जाएगा जिसके ऊपर विभागीय जांच का आदेश देते हुए इस अपराध में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त क़ानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
इन क्षेत्रों में जन्म लेता है अपराध
आपको बताते चलें कि कानपुर काफी लंबे अरसे से मादक पदार्थों की बिक्री जैसे अपराध में लिप्त बना रहा है। जिसका खुलासा खुद पुलिस विभाग ने अपने पुलिसिया गुडवर्क में दिखा चुकी है। फिर भी इस अपराध पर जड़ से अंकुश नहीं लगाया जा सका है। वर्तमान में अभी तक जिन इलाकों की चर्चा इस अपराध में रही उनके नाम उजागर किए जाएं तो अनवरगंज, मूलगंज, चकेरी, बिठूर, नवाबगंज, रावतपुर, काकादेव, सचेंडी, नौबस्ता, बर्रा, गोविंद नगर के साथ कुछ ऐसे इलाके भी हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं जहां इस अपराध को जन्म दिया जाता चला आ रहा है।