अमेरिका के 100% टैरिफ फैसले से भारतीय फिल्ममेकर्स चिंतित, पढ़िए कबीर खान और आमिर राय का बयान
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के बाहर बनी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने के फैसले ने भारतीय फिल्ममेकर्स को गंभीर चिंता में डाल दिया है। यह निर्णय भारतीय फिल्म उद्योग के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
पढ़िए भारतीय फिल्ममेकर्स की प्रतिक्रिया
कबीर खान और आमिर राय सहित कई प्रमुख फिल्म निर्माता इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के टैरिफ से भारतीय फिल्मों का अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप ना केवल आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि भारतीय सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय पहचान पर भी असर पड़ सकता है।
कबीर खान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह निर्णय वैश्विक फिल्म उद्योग के सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए चिंताजनक है। वहीं, आमिर राय ने कहा कि यह टैरिफ भारतीय फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की मेहनत और उनकी रचनात्मकता पर सीधा असर डाल सकता है।
आर्थिक और सांस्कृतिक पर पड़ेगा प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि 100% टैरिफ से भारतीय फिल्मों की अमेरिकी आयात कीमत दोगुनी हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिकी सिनेमाघरों में भारतीय फिल्मों की संख्या घट सकती है। इसके साथ ही, विदेशी निवेश और सहयोग प्रोजेक्ट्स में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
इसके अलावा, भारतीय फिल्मों के लिए अमेरिका एक महत्वपूर्ण बाजार है। यहाँ से प्राप्त राजस्व और अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा भारतीय फिल्म उद्योग की आर्थिक मजबूती और वैश्विक पहचान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
है उद्योग की चिंता और आगे की रणनीति
फिल्म उद्योग ने सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत करने और अमेरिकी प्रशासन से समझौते की कोशिश करने की अपील की है। उद्योग का कहना है कि बातचीत के माध्यम से इस टैरिफ को कम किया जा सकता है और दोनों देशों के फिल्म उद्योग के बीच सहयोग बनाए रखा जा सकता है।
इसके अलावा, भारतीय फिल्म निर्माता अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी फिल्मों के वितरण और प्रदर्शन को बढ़ाने की रणनीति पर भी विचार कर रहे हैं। यह कदम अमेरिकी बाजार पर निर्भरता को कम करने और अन्य बाजारों में अवसर बढ़ाने के लिए जरूरी है।
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