Pilibhit: 5 दिन तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट, फिर बिगड़ सकते हैं हालात
Pilibhit: अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत में मौसम का कहर
मौसम ले सकता है फिर करवट, चेतावनी भरे दिन
मौसम विज्ञान विभाग ने अगले पांच दिन 30 सितंबर से 4 अक्टूबर 2025 तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून जाते-जाते अपने चरम पर है और उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश व सटे पूर्वी राजस्थान में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। विभाग ने आम नागरिकों को सतर्क रहने, नदी-नहर और समुंदर के किनारे जाने से बचने और आपातकालीन तैयारियों को बढ़ाने की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट, पीलीभीत और आसपास के जिलों में चेतावनी
लखनऊ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने मंगलवार सुबह अगले 24 घंटों के लिए उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पश्चिमी यूपी के जिलों में तेज वर्षा की संभावना जताई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में यह बारिश जल्द ही कम हो जाएगी, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक असहज उमस भरा मौसम बना रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, शाहजहाँपुर , लखीमपुर खीरी, बरेली और पीलीभीत जिलों में मंगलवार से अत्यंत भारी बारिश के साथ बिजली और गरज के साथ तूफानी हवाओं की संभावना है, जिनकी रफ्तार 30-40 किमी/घंटा तक हो सकती है। वहीं, कानपुर, कन्नौज, अरेया, इटावा, मैनपुरी, रामपुर, बड़ौद, उन्नाव, हरदोई, फरीदाबाद सहित अन्य कम से कम 20 जिलों में बिजली और गरज के साथ भारी से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘भारी’ से ‘अत्यंत भारी’ बारिश होने की संभावना है। अगले 24 घंटों के बाद, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी रहेगी। इसके बाद मौसम अपेक्षाकृत सुस्त और उमस भरा रहेगा।”
विशेष चेतावनी: पश्चिमी यूपी के जिलों में रहने वाले लोगों को जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी आवश्यक तैयारी करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश
उत्तराखंड में भी अगले पांच दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा।
प्रभावित जिले: देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, चमोली।
दिनांक: 1 और 2 अक्टूबर को भारी बारिश; 3 और 4 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर।
सावधानी: भूस्खलन और पहाड़ी इलाकों में जलभराव की संभावना।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम का कहर
राजस्थान: जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और बारां जिलों में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बारिश।
मध्य प्रदेश: जबलपुर, रीवा, सतना, शहडोल और सागर जिलों में भारी वर्षा।
इन क्षेत्रों में निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी हवाओं के प्रभाव से तेज बारिश होगी।
प्रशासन ने सड़क दुर्घटना और जलभराव से बचने की चेतावनी दी है।
दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश के आसार
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है।
प्रभावित जिले: केरल (कोच्चि, तिरुवनंतपुरम), कर्नाटक (बेंगलुरु, मैसूर), तमिलनाडु (चेन्नई, मदुरै), आंध्र प्रदेश (विजयवाड़ा, तिरुपति), तेलंगाना (हैदराबाद)।
ध्यान देने योग्य: केरल और कर्नाटक में बहुत भारी वर्षा और बिजली गिरने की संभावना।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम की करवट
दिल्ली और एनसीआर में 1 और 2 अक्टूबर के बीच भारी बारिश का अनुमान।
तेज हवाओं और अचानक बारिश के चलते प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
सावधानी और सुझाव
भारी बारिश और खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सबसे पहले नदी, नहर और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें क्योंकि तेज बहाव अचानक खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे समय में समुद्र या गहरे जलस्त्रोतों के किनारे जाना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।
सड़क और घर से बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। फिसलन, गड्ढों और टूटे बिजली के तारों जैसी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें। ग्रामीण इलाकों में खासकर खेतों और खुले मैदानों में बिजली गिरने की घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए आसमान में गरज-चमक के दौरान सुरक्षित जगह पर आश्रय लेना सबसे ज़रूरी है।
तेज हवाओं से बचने के लिए खुले स्थानों पर खड़े न रहें और पेड़ों या कच्चे मकानों के नीचे शरण लेने से बचें। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग गरज-चमक के दौरान सीमित करें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। समय-समय पर जारी अलर्ट और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी रखें ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके।
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