UP: मैनपुरी में चोर गिरोह गिरफ्तार, हापुड़ में युवक को चोर समझकर पीटा – 112 पुलिस ने बचाई जान
UP: मैनपुरी में बंद मकानों से चोरी करने वाले 5 चोर गिरफ्तार, वहीं हापुड़ में युवक को चोर समझकर भीड़ ने पीटा। पढ़िए यूपी की दो बड़ी सनसनीखेज घटनाएं।
चोर या शक का शिकार? मैनपुरी में चोर गिरोह धराया, हापुड़ में युवक की बेरहमी से पिटाई – उत्तर प्रदेश में कानून, शक और लात-घूंसों का खेल!”
जब शक, अपराध और कानून की सीमाएं गड्डमड्ड हो जाएं…
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से दो चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर मैनपुरी में अंतर्जनपदीय चोरों का गिरोह धर दबोचा गया है जो बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। वहीं दूसरी ओर, जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ इलाके में भीड़तंत्र ने एक युवक को सिर्फ शक के आधार पर चोर समझकर बीच सड़क पर बेरहमी से पीट दिया।
दोनों घटनाएं यूपी में बढ़ते अपराध और उससे भी खतरनाक बन चुके ‘संदेह आधारित न्याय’ की ओर इशारा करती हैं, जहां अब कानून से पहले भीड़ फैसला सुनाने लगी है। एक तरफ़ मैनपुरी पुलिस ने शातिर चोरों के खिलाफ सटीक कार्रवाई की, तो दूसरी तरफ हापुड़ में एक निर्दोष युवक की जान तक खतरे में पड़ गई।
मैनपुरी: अंतर्जनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश – पुलिस की बड़ी कामयाबी
जनपद मैनपुरी में शहर कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 5 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करते थे। ये चोर एक सुनियोजित तरीके से अलग-अलग जनपदों में जाकर मकानों की रेकी करते थे और फिर रात के अंधेरे में ताले तोड़कर घरेलू सामान, नकदी और कीमती वस्तुएं चुरा ले जाते थे।
क्या-क्या मिला चोरों के पास से?
टीवी, गैस सिलेंडर, पंखा, मिक्सर-ग्राइंडर
कपड़े, बर्तन, मोबाइल फोन
नगदी और कीमती कागजात
पुलिस का दावा: “इन अभियुक्तों ने मैनपुरी सहित आस-पास के कई जनपदों में दर्जनों चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अब इनसे पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है।”
हापुड़: युवक को चोर समझ कर बीच सड़क पर पीट दिया – सवालों के घेरे में ‘भीड़तंत्र’
हापुड़ जनपद के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में स्याना रोड पर एक युवक को उस समय भीड़ ने चोर समझकर बेरहमी से पीटा, जब वह इलाके में घूम रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग लाठी-डंडों से लैस थे और उन्होंने युवक को सड़क पर ही पीटना शुरू कर दिया।
112 नंबर की पुलिस ने बचाई जान
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से युवक को बचाकर थाने ले गई। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक वास्तव में चोर था या केवल संदेह के आधार पर मारा गया।
स्थानीय सूत्रों का कहना है: “युवक इलाके में नया था और अकेला घूम रहा था। शक के चलते लोग बेकाबू हो गए।”
सवाल जो चुभते हैं…
अगर पुलिस न पहुंचती, तो क्या उस युवक की जान बच पाती?
क्या भीड़ अब पुलिस और अदालत की भूमिका निभाने लगी है?
क्या मैनपुरी जैसी पुलिसिया सतर्कता हापुड़ में भी दिखाई देती, तो ऐसी घटनाएं रुकतीं?
जहां एक ओर मैनपुरी पुलिस ने मेहनत और सूझबूझ से चोर गिरोह को पकड़कर राहत दी, वहीं हापुड़ की घटना समाज के उस काले चेहरे को उजागर करती है, जहां “शक” अब “सबूत” से बड़ा हो गया है। जरूरत है कि भीड़तंत्र नहीं, क़ानून पर भरोसा किया जाए – वरना आने वाले वक्त में हर अजनबी संदिग्ध और हर भीड़ जल्लाद बन जाएगी।
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