यूपी के 4 जिलों के कलेक्टर (IAS) होंगे सम्मानित, जानिए सभी के नाम और क्यों किया जाएगा सम्मान
उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर साबित किया है कि सामूहिक प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देशभर में जल संरक्षण को लेकर जो अभियान चलाया गया, उसमें उत्तर प्रदेश के चार जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसी के परिणामस्वरूप इन जिलों के जिलाधिकारियों (कलेक्टरों) को सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
सम्मानित होने वाले कलेक्टर और जिले
इस सम्मान सूची में शामिल हैं:
* आईएएस पवन गंगवार, जिलाधिकारी मिर्जापुर
* आईएएस सतेंद्र सिंह, जिलाधिकारी वाराणसी
* आईएएस राजेश पांडेय, जिलाधिकारी जालौन
* आईएएस शिव शरणप्पा जी.एन., जिलाधिकारी चित्रकूट
इन अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को न केवल गति दी, बल्कि स्थानीय जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की।
पुरस्कार राशि का प्रावधान
सम्मान के रूप में इन जिलों को धनराशि भी प्रदान की जाएगी। मिर्जापुर, वाराणसी और जालौन को 2-2 करोड़ रुपये, जबकि चित्रकूट को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह राशि आगे जल संरक्षण और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।
जालौन के डीएम राजेश पांडेय पर गर्व
इस सूची में शामिल **जालौन के जिलाधिकारी राजेश पांडेय** का जिक्र विशेष रूप से किया जा रहा है। वे मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के लंभुआ क्षेत्र के निवासी हैं। अपने क्षेत्र की पहचान और मूल्यों को संजोते हुए उन्होंने प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्थानीय लोग भी उन पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
जल संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व प्रयास
प्रधानमंत्री की पहल के बाद जिलों में जल संरक्षण को लेकर कई योजनाएं चलाई गईं। इनमें जलाशयों का पुनर्जीवन, नदियों और तालाबों की सफाई, वर्षा जल संचयन और ग्रामीण स्तर पर लोगों की भागीदारी शामिल रही। उत्तर प्रदेश के इन चार जिलों ने इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर दिखाया।
प्रेरणा स्रोत बने अधिकारी
जिलाधिकारियों का कार्य केवल योजनाओं को लागू करना भर नहीं था, बल्कि आम जनता को इस दिशा में प्रेरित करना भी उतना ही आवश्यक था। मिर्जापुर, वाराणसी, जालौन और चित्रकूट के डीएम ने यह साबित किया कि यदि प्रशासन और जनता साथ मिलकर काम करें तो जल संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है।
भविष्य की दिशा
इस सम्मान से अन्य जिलों को भी प्रेरणा मिलेगी। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि जल संरक्षण को लेकर चल रहे अभियान को और अधिक सशक्त किया जाएगा। इस पुरस्कार से न केवल जिलों की पहचान बढ़ेगी बल्कि आने वाले समय में जल संकट को दूर करने में भी मदद मिलेगी।