“पुलिस” के खुलासे ने खोला बड़ा “रहस्य” – बेटे ने रची पिता को रास्ते से हटाने की “साजिश”

0
20231018_150127
रिपोर्ट – लईक – फतेहपुर जनपद 
 
Fatehpur News – फतेहपुर पुलिस के एक खुलासे ने उस सच का एहसास दिला दिया है जिसे कभी कहा गया था कि कलयुग में वो देखने को मिलेगा जो शायद ही कभी किसी ने सोचा भी न होगा। जी हां यूपी पुलिस के जांबाज पुलिस वालों ने ऐसे ही एक खुलासे से पर्दा उठाया है, जो रहस्य बन चुका था। लेकिन हमेशा कहा गया है कि चोर की दाढ़ी में तिनका यानी अपराधी कोई भी हो कोई न कोई सबूत छोड़ कर चला ही जाता है। कुछ इसी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक ऐसे बेटे की काली करतूत को खोला है जिसने अपने ही पिता की हत्या करने की सुपारी दे डाली थी। 
पुलिस का खुलासा   
 
फतेहपुर जिले के एएसपी विजय शंकर मिश्र ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए पुलिस के साथ एसओजी टीम के साथ फॉरेंसिक व सर्विलांस की तीन टीमें लगाई गई थी। जांच में पाया गया कि मोहल्ला ककरहा आबू नगर निवासी दीपू गुप्ता ने जमीन की रंजिश में ताऊ की हत्या वाले केस से बचने के लिए अपने नशेबाज दोस्त ककरहा आबू नगर निवासी कल्लू पाल उर्फ कपिल से करवा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद कल्लू मौके से भाग निकला और आला कत्ल तमंचा अपने दोस्त ककरहा आबू नगर निवासी अनुज कुमार के घर में भूसा में छिपा दिया था। पुलिस ने आला कत्ल बरामद कर तीनों के खिलाफ कार्रवाई की है। आपको बता दें कि 15 अक्टूबर को सदर कोतवाली के आबू नगर चौकी के पीछे रिटायर्ड वार्ड ब्वाय हरिओम गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। जब वह दूध लेकर साइकिल से लौट रहा था। बेटा दीपू उर्फ दिलीप गुप्ता समेत परिजनों ने ताऊ के बेटे ज्ञानेन्द्र गुप्ता और एक अन्य पर हत्या का आरोप लगाया था। बताया जाता है कि नशेबाज बेटा अपने पिता से खुन्नस रखता था। उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। 
 
भाई से भी कर चुका था विवाद 
 
संपत्ति को लेकर दीपू अपने भाई पर भी असलहा तान कर जान से मारने की धमकी दी थी। जेल से जमानत पर छूटने के बाद से दीपू गुप्ता पिता से केस की सही पैरवी न करने को लेकर खुन्नस में था। वह अक्सर ताऊ की हत्या जमीन पर अधिकार दिलाने की वजह बताता था। पिता उसके आपराधिक आचरण, आवारगी और नशेबाजी की वजह से उससे दूरी बना ली थी। रिटायर होने के बाद वह कमाई दूसरे बेटे को देना चाह रहा था। जेल से बाहर आने के बाद वह खर्च के लिए अक्सर पैसे मांग लेता था। कुछ रोज पहले ही दीपू ने रूपये मांगे तो पिता ने देने से इंकार कर दिया। इस बात को लेकर दीपू पिता से भिड़ गया था। बीच बचाव को आए भाई से भी भिड़ गया । तभी नाराज दीपू ने पिता को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।  उसने नशेबाज साथी कल्लू पाल की मदद ली। पिता की कमाई पर कब्जा, विरोधी ज्ञानेन्द्र गुप्ता को फंसा बदला लेना व हत्या के मुकदमे में सुलह कराना उसका मुख्य मकसद था।

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading