संभल हिंसा: मौलाना तौकीर राजा ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग
संभल हिंसा: मिडिया को बयान देते तौकीर रज़ा
संभल हिंसा: उत्तर प्रदेश और देश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ गया है। इस मामले पर मौलाना तौकीर राजा ने सरकार, प्रशासन और हिंदू संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताया, जिसमें मुसलमानों को निशाना बनाकर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई।
संभल हिंसा: मौलाना तौकीर राजा का बयान,हिंदू आतंकी संगठनों पर आरोप

संभल हिंसा: मौलाना तौकीर राजा ने कहा कि यह हिंसा कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। उन्होंने दावा किया कि हिंदू आतंकी संगठन मस्जिद में अपने साथ पत्थर लेकर आए थे ताकि उन्हें मुसलमानों पर फेंका जा सके और हिंसा भड़काई जा सके। उनका कहना है कि यह सब दंगा करने और मुसलमानों को उकसाने की नीयत से किया गया।
संभल हिंसा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप
मौलाना तौकीर राजा ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रशासन ने जानबूझकर कार्रवाई में देरी की और जब आदेश आया, तब हिंसा भड़काने के लिए पुलिस ने मस्जिद में जूते पहनकर प्रवेश किया।
संभल हिंसा: प्रशासन की भूमिका पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन हिंसा रोकने में पूरी तरह विफल रहा। मौलाना ने कहा कि प्रशासन को पहले से अंदेशा था कि ऐसी घटना हो सकती है, लेकिन उन्होंने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उल्टा, जैसे ही आदेश आया, पुलिस ने मस्जिद में घुसकर स्थिति को और बिगाड़ दिया।
संभल हिंसा: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
मौलाना तौकीर राजा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह न्याय की दिशा में एक सही कदम है। मौलाना ने अपील की कि सुप्रीम कोर्ट ऐसे सभी सांप्रदायिक मामलों पर स्वतः संज्ञान ले और दोषियों को सख्त सजा दिलवाए।
संभल में दंगे की साजिश और पत्थरों का इस्तेमाल
तौकीर राजा के मुताबिक, पत्थरों का इस्तेमाल एक साजिश का हिस्सा था। मस्जिद में हिंदू संगठनों द्वारा जानबूझकर पत्थर लाए गए ताकि उन्हें फेंककर मुसलमानों को उकसाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सब मुसलमानों पर गोली चलाने का बहाना बनाने के लिए किया गया।
मस्जिद सर्वे और दोबारा विवाद
तौकीर राजा ने कहा कि पहली बार मस्जिद में हुए सर्वे में कोई विवाद नहीं हुआ। लेकिन, जब मस्जिद में दोबारा हिंदू संगठनों को लेकर घुसा गया, तो यह स्पष्ट था कि उनकी मंशा दंगा भड़काने की थी। उन्होंने इसे धार्मिक स्थलों का दुरुपयोग बताया।
उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को सजा की मांग
मौलाना तौकीर राजा ने इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और संगठनों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं दी जाती, तब तक देश में शांति और न्याय स्थापित नहीं हो सकता।
सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने की अपील
मौलाना ने लोगों से अपील की कि वे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें और अफवाहों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि दंगे और हिंसा किसी भी समुदाय को लाभ नहीं पहुंचाते, बल्कि देश को कमजोर करते हैं।
हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश
उन्होंने कहा कि इस घटना के जरिए कुछ तत्व हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ना चाहते हैं। लेकिन, देश के सभी नागरिकों को एकजुट होकर ऐसी ताकतों का विरोध करना चाहिए।
देशव्यापी अस्थिरता फैलाने की कोशिश
तौकीर राजा ने आरोप लगाया कि संभल हिंसा सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं थी। इसके जरिए पूरे देश में अस्थिरता फैलाने और सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की गई।
निष्कर्ष: न्याय और शांति की उम्मीद
संभल हिंसा ने एक बार फिर से देश में सांप्रदायिक तनाव को उजागर किया है। मौलाना तौकीर राजा ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
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