Tonk News: यूरिया किल्लत पर फूटा किसानों का गुस्सा,जानिए कैसे ?

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farmer protest in Tonk Rajasthan over urea shortage

farmer protest in Tonk Rajasthan over urea shortage

Rajasthan News: राजस्थान में किसान पहले से ही मौसम की मार से जूझ रहा है और अब सरकारी तंत्र की लापरवाही ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। टोंक जिले में पिछले एक महीने से यूरिया खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात इतने खराब हैं कि farmer protest अब सड़कों से निकलकर कृषि विभाग के दफ्तरों तक पहुंच गया है।

यूरिया के लिए दो-दो किलोमीटर लंबी कतारें

टोंक जिले के गांव-गांव और शहर-शहर किसान यूरिया खाद के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि किसानों के साथ उनकी महिलाएं भी दो-दो किलोमीटर लंबी लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं। इसके बावजूद कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

एक महीने से जारी संकट, समाधान नदारद

राष्ट्रीय किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी के नेतृत्व में अब तक कई बार धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। बावजूद इसके यूरिया संकट का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया, जिससे farmer protest लगातार तेज होता जा रहा है।

कृषि विभाग कार्यालय का घेराव

गुरुवार को टोंक जिले के किसानों ने कृषि विभाग कार्यालय का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब किसान सड़क पर संघर्ष कर रहा है, तब अधिकारी एसी कमरों में बैठकर आंकड़ों का खेल खेल रहे हैं।

2017 से पॉश मशीन में गलत स्टॉक बना बड़ी समस्या

हैरत की बात यह है कि टोंक जिले के ककोड़ में साल 2017 से एक पॉश मशीन में 4262.55 मैट्रिक टन यूरिया गलत तरीके से अपलोड दिखाया जा रहा है। इसी वजह से केंद्रीय कृषि मंत्रालय से मिलने वाले आवंटन में लगातार कटौती हो रही है और वास्तविक मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं मिल पा रही।

अनूठे तरीके से किसान प्रदर्शन

रामेश्वर चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने अनोखा farmer protest किया। किसानों ने देशी अंदाज में रो-रोकर अपनी पीड़ा जाहिर की और कहा कि सालों से उनकी समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया के प्रयासों को भी अधूरा बताया।

सांसद ने दिया समाधान का आश्वासन

वर्तमान सांसद हरीशचंद्र मीना ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए किसानों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। किसानों को उम्मीद है कि अब उनकी समस्या पर ठोस कार्रवाई होगी।

कृषि विभाग का पक्ष

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विजेंद्र सिंह सौलंकी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिले की मांग से ज्यादा यूरिया अब तक सप्लाई किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 600 मैट्रिक टन यूरिया जिले में भेजा जा रहा है। पॉश मशीन में दिख रहे स्टॉक को लेकर जयपुर से दिल्ली तक संबंधित अधिकारियों और मंत्रालय को जानकारी दी जा चुकी है।

कालाबाजारी पर कार्रवाई का दावा

संयुक्त निदेशक ने यह भी कहा कि जिले में यूरिया की कालाबाजारी की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और दोषी डीलरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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