UP News: संभल बवाल में पुलिस का समर्थन करना पड़ा भारी, महिला को पति ने दिया तीन तलाक
UP News: संभल बवाल के दौरान पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करना एक महिला को भारी पड़ गया। महिला के पति ने गुस्से में आकर उसे तीन तलाक दे दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार द्वारा तीन तलाक को गैरकानूनी करार देने के बावजूद यह घटना हुई। पीड़िता ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और अत्याचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराकर न्याय की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करना पड़ा भारी
मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया कि वह संभल बवाल की घटना से संबंधित वीडियो देख रही थी। इस वीडियो में दंगाई पुलिस पर पथराव कर रहे थे। महिला ने अपने पति से कहा कि अगर कोई पुलिस पर हमला करेगा, तो पुलिस को अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई का अधिकार है। महिला के इस बयान पर पति नाराज हो गया और उसे “काफिर” कहते हुए तीन तलाक दे दिया।
निकाह, अत्याचार और तलाक की कहानी
पीड़िता ने बताया कि उसका पहला निकाह 2012 में हुआ था, जिससे उसके तीन बच्चे हैं। 2021 में पहले पति से तलाक होने के बाद, एक अन्य व्यक्ति ने उससे निकाह का वादा किया। आरोपी ने गुरुग्राम बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए 17 दिसंबर 2021 को निकाह कर लिया।
निकाह के बाद से ही आरोपी दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की और उसके जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। 31 अक्तूबर को पति ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया।
संभल बवाल और घटना की पृष्ठभूमि
संभल बवाल की घटना के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया था, जिसे लेकर महिला ने पुलिस का समर्थन किया। यह घटना उसके पति को नागवार गुजरी, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर तीन तलाक दे दिया। सरकार ने तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किया है, इसके बावजूद इस कानून का उल्लंघन हुआ।
संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने कहा, “संविधान का अनुच्छेद 19 प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार प्रदान करता है। महिला ने अपने विचार व्यक्त किए, जो उसका अधिकार है।” उन्होंने यह भी कहा कि कानून के तहत तीन तलाक गैरकानूनी है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
महिला ने एसएसपी कार्यालय में दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता ने एसएसपी सतपाल अंतिल को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने कटघर थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं। महिला ने ससुराल वालों पर भी दहेज उत्पीड़न और अत्याचार के आरोप लगाए हैं।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल महिलाओं के अधिकारों पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समाज में अब भी महिलाओं को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करना और अपने विचार रखना महिला का अधिकार था, लेकिन इसे लेकर पति ने तीन तलाक जैसा गैरकानूनी कदम उठाया। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और महिला को न्याय कैसे मिलता है।