रॉकेट पोस्ट विशेष – जानिए कन्या खिलाने का शुभ समय और रखें यह ख्याल – पं. नीरज शर्मा
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा – कानपुर नगर
शारदीय नवरात्रि में अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन किया जाता है। कन्याओं को भोजन कराने के बाद व्रत रखने वाले इस दिन अपना व्रत खोलते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन कन्याओं को भोजन कराने से घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है।। साथ ही व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भी काफी अच्छी रहती है। बता दें कि अष्टमी के दिन महागौरी का पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं महा अष्टमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?
नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महाअष्टमी और दुर्गाष्टमी भी कहते हैं। अष्टमी तिथि का आरंभ 21 अक्टूबर की रात 9 बजकर 54 मिनट पर अष्टमी तिथि शुरू हुई थी जो 22 तारीख को उदया तिथि में अष्टमी तिथि रहने से इस दिन ही महा अष्टमी का पूजन किया जाएगा। अष्टमी के दिन कई घरों में कन्या पूजन किया जाता है।
महा अष्टमी कन्या पूजन शुभ मुहूर्त
अष्टमी के दिन 22 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 51 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक का समय कन्या पूजन के लिए उत्तम रहेगा। इसके बाद 9 बजकर 16 मिनट से लेकर 10 बजकर 41 मिनट तक। साथ ही अमृतकाल में आप 10 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 1 मिनट तक आप अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन करना शुभ रहेगा।
कन्या पूजन में रखें इन बातों का खास ख्याल
- ध्यान रखें की कन्या पूजन में 9 कन्याओं के साथ 1 बालक को जरूर बैठाएं। बालक को भैरव का रूप माना जाता है।
- कन्याओं के तुरंत बाद लाकर उनके हाथ पैर जरुर धुलवाए और उनका आशीर्वाद लें।
- कुमकुम का तिलक लगाने के बाद सभी कन्याओं को कलावा भी जरुर बांधे।
- कन्याओं को भोजन कराने के बाद उन्हें विदा करते हुए उनसे क्षमा जरुर मांगे।
ज्योतिषाचार्य नीरज शर्मा
कानपुर (उत्तर प्रदेश)