UP News: जेसीबी हुई फेल, चाइनीज़ मांझे ने बचाई जान.. 38 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था बेजुबान
UP News : आमतौर पर जानलेवा साबित होने वाला चाइनीज़ मांझा पहली बार किसी को जीवन दान दे गया। 38 फीट गहरे बोरवेल में गिरे पिल्ले को बाहर निकालने में जब तमाम कोशिशें फेल हो गईं। तब चाइनीज़ मांझा काम आया। मंगलवार को लगभग 10 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गड्ढे से पिल्ले को बाहर निकाल लिया गया।
दरअसल, पूरा मामला मामला मेरठ के गंगोत्री कॉलोनी का है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, देर रात एक पिल्ला कॉलोनी में निर्माणाधीन गहरे बोरवेल में गिर गया। इस बोरवेल की गहराई लगभग 38 फीट है। मामले की जानकारी मिलने पर एनिमल केयर सोसाइटी के पदाधिकारी अंशुमाली वशिष्ठ सहित क्षेत्रीय पार्षद भी मौके पर पहुंचे। पार्षद ने जेसीबी मंगा कर खुदाई कराते हुए पिल्ले को बाहर निकलवाने की कोशिश की। मगर जेसीबी वाले भी आधा-अधूरा काम छोड़कर मौके से चले गए।

उधर, कई घंटों से बोरवेल में फंसे पिल्ले की जान खतरे में थी। वो देर रात तक शोर मचाता रहा। जिस पर कॉलोनी के लोग भी मदद के लिए सामने आए। जिसके बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने खुद ही लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा खोद डाला। उसके बाद उन्होंने बोरवेल का पाइप काटा। फिर पिल्ले को सरिये से खींचने की कोशिश की। लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी।
चाइनीज़ मांझे ने ऐसे बचाई बेजुबां की जान
फिर वहां मौजूद किसी को एक अनोखा तरीका सूझा कि क्यों न चाइनीज़ मांझा बांधकर पिल्ले को उसमें उलझाकर खींच लिया जाए। गजब तो तब हुआ जब यह तरीका कामयाब रहा और पिल्ले को चाइनीज़ मांझे में उलझाकर बाहर निकाल लिया गया। लगभग 10 घंटे चली मशक्कत के बाद आखिरकार बेजुबान की जान बच गई।

खास बात यह रही कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कॉलोनी के बड़ों से लेकर बच्चों तक ने पिल्ले की जान बचाने में अपनी जान लड़ा दी। घंटों बाद जब पिल्ला बाहर निकला तो क्षेत्र के लोगों के चेहरे खिल उठे।
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