पीलीभीत न्यूज़: खेत में डेरा जमाये बाघिन ट्रैंकुलाइज कर पकड़ी, ग्रामीणों के हंगामे से खतरनाक बना ऑपरेशन
पीलीभीत में माला वन रेंज क्षेत्र के आसपास कई दिनों से खेतों में नजर आने वाली बाघिन को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रम्मीणों की उपस्तिथि और हंगामें के चलते बाघिन को पकड़ने की कबायद न सिर्फ असफल होते होते रह गई बल्कि ग्रामीण भी घायल होते होते बचे।
कई दिनों बाद बाघिन की दहशत से छुटकारा, खतरे को लेकर पनप रहा था ग्रामीणों में रोष

बता दें की पिछले कुछ दिनों से पीलीभीत के माला वन रेंज के आस पास के क्षेत्र के खेतों में एक बाघिन ग्रामीणों को दिखाई दे रही थी। लेकिन सूचना पर पहुंचे वाली टीम को चकमा देकर निकल जाती थी। इसके चलते क्षेत्र में काफी दहशत का माहौल बना हुआ था। बाघिन की मौजूदगी से लोग खेतों में जाने से डर रहे थे वहीँ बच्चों को भी स्कूल नहीं भेज रहे थे। वन विभाग पर जल्द से जल्द बाघिन को पकड़ने का दवाब था।
ग्रामीणों के रोष और जनमानस के खतरे को भांपते हुए वन विभाग की टीम ने जाल बिछाकर बाघिन को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने का निर्णय लिया। मंगलवार को वन अधिकारियों को सूचना मिली कि बाघिन ने पास के ही गांव जमुनिया के एक खेत में डेरा जमाया हुआ है। खबर मिलते ही सामाजिक वानिकी के उपनिदेशक संजीव कुमार, पीलीभीत रेंज अधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव के साथ गांव पहुंच गए।
तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद पकड़ी गई बाघिन
दोपहर लगभग तीन बजे ऑपरेशनशुरू हुआ, गन्ने के खेत में दो ट्रैक्टर उतारे गए, एक ट्रैक्टर पर डा. दक्ष गंगवार, एसडीओ पूरनपुर मयंक पांडे मौजूद थे। दूसरे ट्रैक्टर पर वन विभाग के अन्य कर्मचारियों ने कमान सम्हाली। लेकिन इस बीच बड़ी संख्या में ग्रामीणों भीड़ मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों को मौके हटाने व ऑपरेशन स्थल से दूर रखने की कोशिश डीएफओ एसडीओ माला दिलीप कुमार तिवारी, बीसलपुर रेंजर रोहित जोशी व माला रेंजर रोबिन करने में लगे रहे।

ग्रामीणों की वजह से ऑपरेशन में आई दिक्कत
लेकिन जैसे ही बाघिन को ट्रेंकुलाइज किया गया, ग्रामीण घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े, जिससे वन विभाग की टीम को बाघिन को पकड़ने में वक्त लगने लगा। इसी दौरान बाघिन होश में आने लगी,तभी वन विभाग और ग्रामीण में एक बार फिर दहशत में आ गए। लेकिन समय रहते सामाजिक वानिकी और पीटीआर की टीम ने एक बार फिर मामले को संभाल लिया।
वीडियों बनाने के चक्कर में हो सकता था बड़ा हादसा
जिस समय बाघिन को ट्ट्रैंकुलाइज किया सैकड़ों ग्रामीण अपने फोन से वीडियों बनाने की कोशिश करने लगे जिससे मौके पर अफरा तफरी फ़ैल गई। इसके चलते वन विभाग की टीम को बाघिन को पकड़ना दूभर हो गया था। इधर कुछ सुरक्षाकर्मी भी ग्रामीणों को हटाने में नाकाम रहे क्योंकि वह स्वयं भी वीडियो बनाने में मशगूल हो गए।
ऑपरेशन में डिप्टी रेंजर कपिल कुमार,देव ऋषि, एसपी वर्मा, वन दरोगा राम भरत यादव, अजमेर सिंह यादव, रामदीन, शैलेंद्र यादव, सुरेंद्र गंगवार, अनिल वर्मा, सचिन कुमार, हिमांशु सिंह, टाइगर ट्रैक्टर सुरेश, कन्हैयालाल, चेतन कुमार, मोहम्मद ततीर, वन प्रेमी ठाकुर अतुल सिंह सहित वन कर्मचारी मौजूद थे।