पीलीभीत की बच्ची बोली – अब हिम्मत नहीं बची, मर जाना ही बेहतर है; जानिए पूरा मामला
पीलीभीत की बच्ची बोली: पूरनपुर में एक किशोरी ने आत्महत्या की कोशिश की। बताया कि शराबी पिता उसे मारता-पीटता है। राहगीरों ने बचाई जान, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई।
पीलीभीत की बच्ची बोली: शराबी पिता की प्रताड़ना से तंग आकर किशोरी ने की आत्महत्या की कोशिश, राहगीरों ने नहर में कूदते समय बचाया
पूरनपुर की हरदोई ब्रांच नहर पर दिल दहला देने वाला दृश्य, किशोरी ने कहा- ‘पापा रोज पीकर मारते हैं’
पीलीभीत (पूरनपुर)
जिले के पूरनपुर कस्बे में एक बेहद दर्दनाक और इंसानी संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार की सुबह हरदोई ब्रांच नहर के पास एक किशोरी ने आत्महत्या की कोशिश की। किशोरी की आंखों में आंसू और चेहरे पर डर साफ झलक रहा था, जब उसने पानी में छलांग लगाने की कोशिश की, लेकिन किस्मत से राहगीरों की नजर पड़ गई और उन्होंने उसकी जान बचा ली।
राहगीरों की सतर्कता ने बचाई जान, किशोरी की चीख सुनकर दौड़े लोग
हरदोई ब्रांच नहर के किनारे से गुजर रहे कुछ राहगीरों को जब एक किशोरी की रोती-बिलखती आवाज सुनाई दी तो उन्होंने बिना देर किए उस ओर दौड़ लगा दी। जब तक किशोरी छलांग लगाती, लोगों ने उसे पकड़ लिया और नहर में गिरने से रोक लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया।
किशोरी का आरोप – ‘पापा रोज शराब पीकर मारते हैं, अब जीना नहीं चाहती’
राहगीरों और बाद में पहुंची पुलिस टीम से बातचीत के दौरान किशोरी ने कहा कि वह अपने पिता की रोज की प्रताड़ना से बेहद दुखी थी। उसके पिता शराब पीकर आए दिन उसे मारते-पीटते हैं, गालियां देते हैं और घर में डर का माहौल बना रहता है। उसने कहा –
“अब हिम्मत नहीं बची… मर जाना ही बेहतर लगा…”
पीलीभीत की बच्ची बोली, वीडियो हुआ वायरल, लोगों में आक्रोश
इस घटना का वीडियो कुछ राहगीरों ने बना लिया जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में किशोरी की चीख-पुकार और उसकी बेबसी ने हजारों लोगों का दिल दहला दिया। सोशल मीडिया पर लोग लड़की के पिता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, किशोरी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
सूचना मिलने पर पूरनपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और किशोरी को अपनी सुरक्षा में लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किशोरी को फिलहाल महिला संरक्षण गृह में रखा गया है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
प्राथमिक पूछताछ में किशोरी की बातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बाल कल्याण समिति (CWC) और महिला कल्याण विभाग को सूचित किया है। किशोरी की काउंसलिंग भी कराई जा रही है ताकि वह मानसिक रूप से स्थिर रह सके।
पीलीभीत की बच्ची बोली, शराबी पिता के खिलाफ जांच शुरू, प्रशासन पर सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – आखिर कब तक बेटियां अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी? किशोरी ने जो आरोप लगाए हैं, यदि सही साबित होते हैं, तो यह घरेलू हिंसा और बाल उत्पीड़न का गंभीर मामला बनता है।
जनता का सवाल – ऐसे बाप को जेल कब?
स्थानीय लोगों का कहना है कि किशोरी को प्रताड़ित करने वाले उसके शराबी पिता को सख्त सजा मिलनी चाहिए। कई समाजसेवी संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किशोरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आरोपी पिता के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई हो।
जनजागरूकता की ज़रूरत – बेटियों को चुप न रहने दें
यह मामला न सिर्फ एक किशोरी की जान जाने से बचाने का उदाहरण है, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाला सच भी है। हर घर में बेटियों की आवाज सुनी जानी चाहिए। यदि कोई किशोरी पीड़ित है, तो समाज, स्कूल और प्रशासन को मिलकर उस तक पहुंचना होगा।
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