पीलीभीत: बीसलपुर में पकड़ा गया मंत्री दयाशंकर का फर्जी सचिव, लाखों की ठगी का आरोप, अब पुलिस की गिरफ्त में
बीसलपुर: मंत्री का फर्जी निजी सचिव बनकर महिलाओं से लाखों की ठगी, हिंदू महासभा ने पकड़ा आरोपी
पीलीभीत जिले की तहसील बीसलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने खुद को मंत्री दया शंकर का निजी सचिव बताकर दर्जनों महिलाओं को ठग डाला। रोजगार और नौकरी का सपना दिखाकर उसने लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोपी लंबे समय से ठगी का जाल बिछाकर सक्रिय था, लेकिन इस बार उसकी करतूत ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकी। हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
ठगी का शिकार बनी महिलाएं
आरोपी युवक ने सिलाई सेंटर और नौकरी का झांसा देकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। पीड़ितों का कहना है कि वह शिक्षक भर्ती, बैंक और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 से 50 हजार रुपये प्रति व्यक्ति तक वसूलता था। अब तक आरोपी ने 20 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली है।
किराए की गाड़ियों से चलता था ठगी का कारोबार
आरोपी युवक ठगी करने के लिए हमेशा नई चाल चलता। वह किराए की गाड़ियों से अलग-अलग जगहों पर घूमता और हर बार अलग नाम बताकर खुद को दया शंकर मंत्री का निजी सचिव बताता था । इस तरह वह भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर पैसा वसूल लेता था।
रंगे हाथों पकड़ाया ठग
शनिवार को आरोपी युवक रामदुलारी इंटर कॉलेज के पास कुछ महिलाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर बुला रहा था। तभी हिंदू महासभा के नगर अध्यक्ष सुनील अवस्थी को सूचना मिली। सुनील अवस्थी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान और राज़
पूछताछ में आरोपी ने कई बार अलग-अलग नाम और पते बताए। मगर जब आधार कार्ड देखा गया, तो उसकी असली पहचान वेदपाल निवासी पतरासा कुंवरपुर के रूप में सामने आई। मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि आरोपी ने उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे हैं।
हिंदू महासभा का बड़ा खुलासा
नगर अध्यक्ष सुनील अवस्थी ने बताया कि,
लगभग 8 दिन पहले मुझे जानकारी मिली थी कि यह युवक नौकरी के नाम पर कई महिलाओं को ठग रहा है। हमने अपनी टीम बनाई और लगातार निगरानी की। आखिरकार आज इसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया। मौके पर करीब 20 महिलाएं मौजूद थीं, जिन्होंने बताया कि इस युवक ने उनसे मोटी रकम वसूली है।
पुलिस के हवाले किया गया आरोपी
लोगों ने ठग वेदपाल को पकड़कर कोतवाली पुलिस बीसलपुर के हवाले कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस ठग के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है और कितने और लोगों के साथ की गई ठगी का खुलासा होता है
यह पूरा मामला प्रशासन और आम जनता के लिए एक बड़ी सीख है कि नौकरी या सरकारी योजनाओं के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसा न दें। ऐसे फर्जी लोग समाज में सक्रिय हैं और भोले-भाले लोगों को ठगकर लाखों कमा रहे हैं।
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