आस्था के मंच पर लगे बार बालाओं के अश्लील ठुमके – एक्शन में आई कमिश्नर पुलिस

0
20231023_100754
रिपोर्ट – आनंद तिवारी – कानपुर नगर 
 
Kanpur News – भारत की संस्कृति को किस तरह से धूमिल किया जाता है यह कानपुर के बिल्हौर में देखने को मिला। जहां आस्था के संगम रामलीला के मंच पर अचानक बार बालाओं का डांस करा दिया जाता है। जो भारतीय कानून के अनुसार एक बड़ा अपराध है। लेकिन यहां तो कमेटी के सदस्यों के साथ ही कुछ पुलिस वाले बार बालाओं की अश्लीलता को देखते रहे। 
 
आस्था से खिलवाड़
 
जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा – जय जय श्री राम के नारों से गूंजने वाली इस धरती पर किसी ने सही कहा था कि रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा – ऐसा कलयुग आएगा – हंस चुनेगा दाना और कौआ मोती खाएगा। कुछ ऐसा ही देखने को मिला उत्तर प्रदेश के कानपुर में जहां बिल्हौर थाना क्षेत्र की उत्तरीपुरा चौकी अंतरगर्त हुई आस्था की प्रतिक रामलीला में बार बालाओं के अश्लील ठुमको ने शर्मसार कर दिया। 
 
 प्रधान कमेटी कराती है आयोजन  
 
आपको बताते चलें कि क्षेत्र के उत्तरी पूरा कस्बे में प्रतिवर्ष ग्राम प्रधान द्वारा सार्वजनिक चंदा से दो दिवसीय रामलीला का आयोजन कराया जाता है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी वर्तमान ग्राम प्रधान अभिजीत सिंह चौहान द्वारा पुरानी पुलिस चौकी स्थित मैदान में रामलीला का कार्यक्रम शुरू कराया गया। रामलीला के प्रथम दिवस पर रविवार रात भगवान राम की लीलाओं का कलाकारों द्वारा मंचन किया जा रहा था। तभी रामलीला के मंचन के बीच-बीच फिल्मी गीतों पर महिला नृत्यांगनाओं के द्वारा अश्लील डांस भी किया जाता रहा और मौके पर मौजूद आयोजन कमेटी व दर्शक उसका भरपूर लुफ्त उठाते रहे।
वीडियो वायरल होने पर लिया गया एक्शन 
शासन-प्रशासन की रोंक के बावजूद पुलिस चौकी से चंद्र कदम की दूरी पर रामलीला मंच से हो रहे अश्लील नृत्य पर स्थानीय पुलिस ने भी रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी। इन सब तथ्यों के साथ नृत्यांगनाओं के अश्लील डांस के कई वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ ही देर में वायरल होने लगे। वायरल वीडियो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यक्रम को आनन-फानन में बंद कराया गया और मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई। हालांकि राकेट पोस्ट न्यूज ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
रोक के लिए उठाना होगा यह कदम
दरअसल आस्था के साथ यह दुस्साहस आयोजनकर्ता कमेटी द्वारा जान बूझकर किया जाता है। क्योंकि रामलीला का आयोजन भी वही कराती है तो बार बालाओं के डांस की बुकिंग भी कमेटी द्वारा ही कराई जाती होगी। लेकिन रामलीला के आयोजन की अनुमति लेते वक्त क्षेत्रीय थाने या क्षेत्रीय चौकी के प्रभारी को जो पत्र दिया जाता है उसमे सांस्कृतिक एवं मनोरंजन के कार्यक्रम का जिक्र किया जाता है। जिसपर अनुमति दे दी जाती है। जिसका फायदा उठाते हुए मनोरंजन के कार्यक्रम की आड़ में बार बालाओं की अश्लीलता परोस दी जाती है। जबकि वर्ष 2005 – 2006 में रम्पत हरामी द्वारा चकेरी इलाके में नौटंकी की अश्लीलता को मिडिया में उजागर करने के बाद एक्शन में आए तत्कालीन एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से इस पर कार्रवाई की गई थी और कुछ दिनों बाद पूरे उत्तर प्रदेश में नौटंकी या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में बार बालाओं के डांस पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। अगर ठीक इसी तरह उस वक् किया जाए जब कोई कमेटी रामलीला के आयोजन अनुमति लेता है तो उसके अनुमति पत्र में इस बात से प्रतिबंधित करा लिया जाए कि अगर किसी प्रकार से आस्था को चोट पहुंचाने का कोई भी कदम उठाया जाता है कमेटी के संचालक समेत सभी सदस्य उसके दोषी होंगे।

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading