Muzaffarnagar: रील की आड़ में हथियारों का काला कारोबार, तीन सप्लायर गिरफ्तार
Muzaffarnagar: रील की आड़ में चल रहा था हथियारों का काला कारोबार, तीन सप्लायर गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर की शांत फिज़ाओं को दहला देने वाली एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा पुलिस ने किया है। थाना शाहपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सप्लायरों को धर दबोचा। हैरानी की बात यह रही कि ये अपराधी इंस्टाग्राम रील और व्हाट्सएप स्टेटस की आड़ में हथियारों का प्रदर्शन कर धंधे को बढ़ावा दे रहे थे।
Muzaffarnagar:इंस्टाग्राम रील से चलता था हथियारों का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी हथियारों की सप्लाई से पहले उनकी रील और स्टेटस बनाकर वायरल करते थे। सोशल मीडिया के जरिए खरीदारों से संपर्क कर सौदेबाज़ी होती थी और फिर गुपचुप तरीके से पिस्टल और तमंचे बेचे जाते थे। यह तरीका युवाओं को लुभाने और अपराध की दुनिया में खींचने का एक नया हथकंडा साबित हो रहा था।
Muzaffarnagar:तीन सप्लायर पुलिस के हत्थे चढ़े
गिरफ्तार आरोपियों में प्रणव, अनस और एक 10 हज़ार का इनामी बाल अपचारी शामिल है। यह बाल अपचारी पहले से ही तमंचा फैक्ट्री और आर्म्स एक्ट के दर्जनभर मामलों में वांछित था। लंबे समय से पुलिस की निगाह में यह फरार चल रहा था, लेकिन आखिरकार आज शाहपुर पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।
Muzaffarnagar:भारी मात्रा में असलहा बरामद
पुलिस ने तीनों आरोपियों से कुल 3 पिस्टल, 7 तमंचे, 19 जिंदा कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह हथियार मुज़फ्फरनगर से लेकर उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों तक सप्लाई किए जाते थे।
Muzaffarnagar:चुनाव से पहले बड़ी सफलता
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय वर्मा ने बताया कि आगामी चुनावों को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी। गिरोह के लोग इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के ज़रिए हथियारों का प्रचार कर सप्लाई कर रहे थे। पुलिस की विशेष टीम ने जाल बिछाकर तीनों सप्लायरों को गिरफ्तार किया और जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
Muzaffarnagar:पुलिस की रणनीति और चेतावनी
एसएसपी ने साफ कहा कि इस तरह के अपराधी किसी भी हालत में बख्शे नहीं जाएंगे। सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रचार करना और उनकी सप्लाई करना सीधे-सीधे समाज की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। पुलिस ने ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का संकल्प लिया है।
Muzaffarnagar:रील का अंत जेल में
दरअसल, आरोपी सोच रहे थे कि इंस्टाग्राम की चमक-दमक उन्हें हथियारों का ‘स्टार सप्लायर’ बना देगी। लेकिन हकीकत यह हुई कि जो रील्स हथियारों के दमखम दिखाने के लिए बनाई गई थीं, उन्हीं रील्स ने पुलिस को इनके दरवाज़े तक पहुंचा दिया। नतीजा यह निकला कि रील की आड़ में पिस्टल चमकाने वाले आज जेल की सलाखों के पीछे हाथ मल रहे हैं।
मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े नेटवर्क के भंडाफोड़ के रूप में सामने आई है बल्कि यह संदेश भी देती है कि रील की आड़ में चलने वाले अपराधी ज्यादा दिन आज़ाद नहीं रह सकते।
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