कानपुर: इंस्पेक्टर और दरोगा पर डकैती व अवैध कब्जे का आरोप, पीड़िता ने सीएम से की शिकायत
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट के पूर्वी जोन से पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चकेरी थाने के इंस्पेक्टर संतोष कुमार शुक्ला और तत्कालीन चौकी प्रभारी अंकित खटाना के खिलाफ डकैती, चोरी और दंगा समेत सात धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध कब्जा कराया।
पीड़ित की माने तो
दरअसल, लाल बंगला स्थित चंद्र नगर कॉलोनी निवासी संगीता जायसवाल ने बताया कि उनके प्लॉट पर बनी दुकानों का स्वामित्व उनके पास है। वह नियमित रूप से नगर निगम में हाउस टैक्स जमा भी करती रही हैं। भूमि को लेकर वर्ष 2023 से विवाद चल रहा है, जिसकी सुनवाई एफटीसी सीनियर डिवीजन कोर्ट और हाईकोर्ट में जारी है।
पीड़िता का आरोप है कि मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद 29 मार्च को चकेरी इंस्पेक्टर संतोष शुक्ला, तत्कालीन सनिगवां चौकी प्रभारी अंकित खटाना, योगी बिल्डर, ग्वालटोली निवासी धर्मेंद्र यादव और करीब 30-40 अन्य लोगों के साथ उनके प्लॉट पर पहुंचे। आरोपियों ने न केवल मेनगेट और दीवार तोड़ी बल्कि जबरन कब्जा भी करा दिया।
इस दौरान पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट की गई और उन पर शांति भंग का चालान भी कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी कर जबरन कब्जा कराने का काम किया।
सीएम योगी को भेजी शिकायत
पीड़िता संगीता जायसवाल ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस कमिश्नर से की। शिकायत की जांच के बाद पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद चकेरी इंस्पेक्टर संतोष शुक्ला, दरोगा अंकित खटाना और अन्य आरोपियों के खिलाफ डकैती, दंगा, चोरी और चोट पहुंचाने समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।