Jai Shri Ram: श्री कैलाश पर्वत की पिघली हुई बर्फ के जल से होगा श्री रामलला का महाभिषेक – रवाना हुए शास्त्री जी

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जय श्री राम: सबसे दूर से आया हुआ जल लेकर रवाना हुए हैं हैं आचार्य मृदुल कान्त शास्त्री जी, अयोध्या पहुंचकर लगाएंगे जय श्री राम का जयकारा 
 
रिपोर्ट – विशेष संवाददाता
 
Jai Shri Ram: 22 तारीख को प्रभु श्री राम प्रतिष्ठा के लिए जहां एक तरफ तैयारियां जोरों पर हैं वहीं प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा में तरह तरह के नज़ारे भी देखने को मिल रहे हैं। कुछ इसी कड़ी में सबसे ख़ास आयोजनों में एक होगा प्रभु का महाभिषेक हेतु कैलाश पर्वत की बर्फ के पिघलने के बाद बदला हुआ जल है जिसे लेकर राम भक्तों की टोली अयोध्या नगरी को निकल पड़ी है। 
 
याज्ञिक सम्राट आचार्य श्री विष्णुकान्त शास्त्री जी के द्वारा लाया गया है जल 

याज्ञिक सम्राट आचार्य श्री विष्णुकान्त शास्त्री जी के द्वारा कैलाश पर्वत के जल को श्री रामलला के महाभिषेक हेतु अपने पुत्र आचार्य मृदुल कांत शास्त्री जी को प्रदान किया गया है। जिसे लेकर श्री मृदुल कांत जी अपने साथियों के साथ अयोध्या नगरी के लिए रवाना हो चुके हैं। 

अनुरोध के बाद कैलाश से लाया गया है जल 
 
ज्ञातव्य है कि महाराज जी के शिष्य परिकर अमित मिढ़ा और विशाली मिढ़ा , सिंगापुर निवासी द्वारा कैलाश पर्वत के एकदम बग़ल में मिनरल वाटर प्लांट स्थापित किया गया है। जिसमें महाराज जी के विशेष अनुरोध पर उन्होंने श्री रामलला की सेवा और साधु संतों हेतु विशेष रूप से कैलाश की पिघली हुई बर्फ की स्पेशल रूप से निर्मित जार में महाराज श्री के लिए भिजवाया है।

मानों भोलेनाथ ने भेजा है श्री राघव के महाभिषेक हेतु जल 
 
ध्यान रहे कि श्री गंगा जी सहित भारत की प्रमुख नदियों का पवित्रतम जल श्री कैलाश से ही प्राप्त होता है। इस अवसर पर आचार्य श्री विष्णुकान्त शास्त्री जी ने कहा – कि हमे ऐसी अनुभूति हो रही है कि मानो बाबा भोलेनाथ कैलाशेश्वर ने ही श्री राघव के अभिषेक हेतु यह जल हमारे माध्यम से भेजा है। साथ ही ध्यान रहे कि श्री राम के अभिषेक हेतु यह सबसे दूर से आया हुआ जल है।

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