हापुड़ में ऑपरेशन क्लीन: STF और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 50 हज़ार का इनामी डबलू यादव ढेर
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हापुड़ में मुठभेड़: बिहार का मोस्ट वांटेड डबलू यादव ढेर – 50 हज़ार का इनामी अपराधी, UP-STF और बिहार पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
हापुड़/बेगूसराय, 27 जुलाई 2025।
उत्तर प्रदेश की धरती पर रविवार की रात गोलीबारी की गूंज और पुलिस की कार्रवाई ने अपराध जगत को हिला दिया, जब बिहार के खूंखार और मोस्ट वांटेड अपराधी डबलू यादव का खौफनाक सफर आखिरकार मौत पर जाकर थम गया। 50,000 रुपये के इनामी इस दबंग अपराधी पर हत्या, रंगदारी और लूट जैसे खून सने अपराधों की लंबी फेहरिस्त थी, और पुलिस की महीनों की खुफिया निगरानी के बाद हापुड़ जिले के सुनसान इलाके में एक भीषण मुठभेड़ में उसका अंत कर दिया गया।
हापुड़ में ऑपरेशन क्लीन: डबलू यादव, जो बेगूसराय का रहने वाला था, सालों से बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इलाके के कारोबारी, ठेकेदार और आम लोग उसके नाम से थर्राते थे। हत्या के कई मामलों में फरार रहने वाला यह अपराधी हाल ही में उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसकर नया नेटवर्क खड़ा करने की फिराक में था, जिससे वह बिहार और पश्चिमी यूपी दोनों जगह अपनी दहशत कायम कर सके। लेकिन पुलिस ने उसे सांस लेने की मोहलत तक नहीं दी।
हापुड़ में ऑपरेशन क्लीन: सूत्रों के मुताबिक, बिहार पुलिस और यूपी STF की टीम को इनपुट मिला था कि डबलू यादव हापुड़ के कासना थाना क्षेत्र में अपने गिरोह के साथ किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। रात के अंधेरे में ऑपरेशन शुरू हुआ – सड़कों पर पुलिस की गाड़ियों की गूंज, चारों ओर घेरा, और फिर गोलियों की तड़तड़ाहट! STF ने रुकने का इशारा किया, लेकिन डबलू और उसके गुर्गों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
हापुड़ में ऑपरेशन क्लीन: करीब 15 मिनट तक चली इस जबरदस्त मुठभेड़ में गोलियों की बारिश के बीच STF की सटीक जवाबी कार्रवाई ने खेल खत्म कर दिया। डबलू यादव को सीने में गोली लगी और वह चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कौन था डबलू यादव?
नाम: डबलू यादव
निवास: बेगूसराय, बिहार
अपराध रिकॉर्ड: हत्या, रंगदारी, अवैध हथियारों की तस्करी और कई गंभीर मामलों में नामजद।
इनाम: बिहार पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
गतिविधियां: बेगूसराय और आसपास के जिलों में कई बार पुलिस पर हमले और हत्या की वारदातों में शामिल था।
डबलू यादव लंबे समय से बिहार पुलिस की पकड़ से बच रहा था और हाल ही में उत्तर प्रदेश के हापुड़ और गाजियाबाद के इलाकों में शरण लेकर अपना नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने मौके से एक AK-47 राइफल, एक पिस्तौल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए। उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन STF ने साफ कर दिया है कि “उनकी तलाश जारी है और वे भी जल्द या तो जेल में होंगे या यमराज के पास।”
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस अधिकारियों ने दो टूक कहा –
“डबलू यादव न केवल बिहार बल्कि पूरे पश्चिमी यूपी के लिए एक खतरा था। उसकी मौत से न केवल अपराधियों के हौसले पस्त होंगे, बल्कि जनता को भी राहत मिलेगी।”
यह ऑपरेशन अपराधियों के लिए खुला संदेश है – कानून से बड़ा कोई नहीं, और गोलियों के रास्ते चुनने वालों का अंजाम हमेशा यही होगा या तो सलाखें, या फिर मौत।
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