मानसून का सुनहरा मौका: पीलीभीत में गन्ना बुवाई पर प्रशासन का अलर्ट – किसान क्या करें?
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मानसून का सुनहरा मौका: पीलीभीत के गन्ना किसानों को प्रशासन की सलाह– ‘उन्नत बीज लो, वरना डूबेगी फसल!
मानसून की बूंदों के साथ पीलीभीत के गन्ना किसानों के लिए नई उम्मीदों का मौसम शुरू हो चुका है। आज गन्ना विकास परिषद बीसलपुर की देखरेख में ग्राम बिलासनगर और रुपियापुर (फरीदपुर चीनी मिल क्षेत्र, बरेली) में गन्ने की मानसून बुवाई की गई। खेतों में नमी का भरपूर फायदा उठाने के लिए प्रशासन ने किसानों को चेताया है – अगर अभी उन्नत किस्मों और नई तकनीक से बुवाई नहीं की, तो आने वाला सीजन घाटे में डुबो सकता है।
मानसून का सही वक्त – लेकिन तकनीक नहीं अपनाई तो नुक्सान होगा!
जुलाई और अगस्त को गन्ना बुवाई के लिए स्वर्णिम समय माना जाता है क्योंकि मानसूनी बारिश से खेतों में नमी भरपूर होती है। जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने किसानों कोजानकारी दी –
“यह वक्त बुवाई का स्वर्णिम दौर है। अगर किसान उन्नत किस्मों (जैसे को.लख. 14201, कोशा.13235, कोशा.17231, कोशा.16231, को.लख.16202, कोशा.18231) का प्रयोग नहीं करेंगे और पुरानी पद्धति अपनाएंगे, तो रोगों और पैदावार की मार झेलनी पड़ेगी।”
मानसून का सुनहरा मौका: बीज को ऐसे करें तैयार – वरना फसल पर फफूंद का खतरा!
प्रशासन ने गन्ने के बीज (सेट्स) के उपचार पर जोर देते हुए किसानों को हिदायत दी –
“बुवाई से पहले गन्ने के टुकड़ों को 0.1% बाविस्टीन (Carbendazim) के घोल में 10 मिनट तक डुबोकर उपचारित करें। इससे फफूंद जनित बीमारियों से फसल सुरक्षित रहेगी।”
गौरतलब है कि कई किसान यह कदम छोड़ देते हैं, जिससे बाद में फसलें सड़ने लगती हैं और भारी नुकसान होता है।
मानसून का सुनहरा मौका: उन्नत बुवाई तकनीक – 4 फीट की कतार और ट्रेंच पद्धति अनिवार्य!
जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बुवाई 4 फीट (1.2 मीटर) की कतार दूरी पर ही करें, ताकि पौधों को पर्याप्त पोषण और हवा मिल सके।
साथ ही, एक या दो आंख वाले गन्ने के टुकड़ों से बुवाई करने की सलाह दी गई, जिससे बीज की बचत और पौधों की अधिकता दोनों संभव हो सके।
ट्रेंच पद्धति (नाली पद्धति) से बुवाई करने और खेत में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
मानसून का सुनहरा मौका: किसानों की मौजूदगी और प्रशासन की चेतावनी
इस कार्यक्रम में मनोज साहू (ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बीसलपुर), प्रवीन सिंह (जोनल इंचार्ज फरीदपुर चीनी मिल), श्रीराम माथुर (गन्ना पर्वेक्षक) सहित दर्जनों किसान – सोमपाल, राजीव, नरेश, रामसेवक, भूपराम, रामपाल गंगवार, लेख राज, चेतराम आदि उपस्थित रहे।
प्रशासन ने यह भी दोहराया –
“बारिश के दिनों में खरपतवार तेजी से उगते हैं, इसलिए किसान लापरवाह न हों। समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण कर फसल को बचाएंगे।”
मानसून का सुनहरा मौका: किसानों के लिए बड़ा संदेश – मौका हाथ से न जाने दें!
गन्ना विभाग का साफ संदेश है कि यह मानसून बुवाई किसानों के लिए सुनहरा अवसर है।
अगर किसान वैज्ञानिक तरीकों, बीज उपचार और उन्नत किस्मों का प्रयोग करेंगे, तो न केवल पैदावार बढ़ेगी, बल्कि बाजार में उनकी फसल की कीमत भी ऊंची मिलेगी।
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