Cuttack: दुर्गा विसर्जन के दौरान हिंसा: 25 घायल, कर्फ्यू और इंटरनेट बंद
Cuttack: दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा: 25 घायल, कर्फ्यू और इंटरनेट बंद, VHP ने बंद बुलाया
कटक, ओडिशा — रविवार की रात शहर के धार्मिक उत्सवों की शांति अचानक भंग हो गई, जब दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़पें हो गईं। यह झड़प इतनी भयंकर थी कि प्रशासन को रात 10 बजे से पूरे शहर में कर्फ्यू लागू करना पड़ा और इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ीं। इस घटना में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
झड़प की शुरुआत
स्थिति की शुरुआती जानकारी के अनुसार, विसर्जन जुलूस शहर के दरगाबाजार इलाके से निकलकर नदी के तट तक जा रहा था। रात लगभग 1:30 बजे से 2 बजे के बीच हाती पोखरी इलाके में हिंसा भड़क गई।
विवाद का कारण जुलूस में बज रहे तेज आवाज वाले संगीत को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति थी। विरोध कुछ ही समय में हिंसक झड़प में बदल गया। कुछ लोग छतों और दुकानों से पत्थर और बोतलें फेंकने लगे। घायलों में शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। कई गाड़ियां और दुकानों को नुकसान पहुंचा। इस तरह से लगभग तीन घंटे तक विसर्जन जुलूस रोक दिया गया। बाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जुलूस को पुनः आगे बढ़ाया गया और सुबह तक सभी मूर्तियों का विसर्जन संपन्न हुआ।
आगजनी और दंगाइयों ने की तोड़फोड़
अधिकारियों ने बताया कि हिंसक भीड़ ने शहर के प्रमुख इलाकों में कई जगह आग लगाई। आग बुझाने के दौरान फायर कर्मियों पर भी भीड़ ने पत्थर फेंके। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी और सीनियर अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
पूरे शहर में कर्फ्यू और इंटरनेट सेवा बंद
झड़प के बाद प्रशासन ने रात 10 बजे से पूरे शहर में कर्फ्यू लागू किया। साथ ही, इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद कर दी गईं, ताकि अफवाहें और गलत सूचनाओं का प्रसार रोका जा सके।
VHP का बंद आह्वान
विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार के दिन 12 घंटे का बंद बुलाया है। संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि प्रशासन बार-बार अनुरोध के बावजूद शांतिपूर्ण विसर्जन सुनिश्चित नहीं कर पाया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि असामाजिक तत्वों ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रमुख विपक्षी नेता ने कहा कि ओडिशा हमेशा से शांति पसंद राज्य रहा है और कटक जैसे भाईचारे के शहर में इस तरह की हिंसा अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस की स्थिति और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
कटक की यह घटना यह दिखाती है कि धार्मिक उत्सवों के दौरान भी सामाजिक तनाव किस तरह अचानक भड़क सकता है। प्रशासन की तत्परता, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की जिम्मेदारी इस तरह की घटनाओं को रोकने में निर्णायक होती है।
घटनास्थल पर मौजूद रिपोर्टरों और स्थानीय लोगों की मानें तो रातभर का यह संघर्ष केवल क्षणिक झड़प नहीं, बल्कि लंबे समय तक शहर की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द पर असर डालने वाला मामला है।
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