Bihar Assembly Elections 2025 घोषणा: 6 और 11 नवंबर को मतदान, 14 नवंबर को नतीजे
Bihar Assembly Elections 2025: दो चरणों में मतदान, नतीजे 14 नवंबर को
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का ऐलान हो गया है और राजनीति की गहमागहमी अब पूरे राज्य में महसूस की जा रही है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि यह चुनाव दो चरणों में होंगे — पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को। मतदान के बाद मतगणना की तारीख 14 नवंबर रखी गई है।
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और वर्तमान विधानसभा की अवधि 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में समय रहते चुनाव प्रक्रिया शुरू करना अनिवार्य था।
Bihar Assembly Elections 2025: चरणवार चुनावी प्रक्रिया
चुनाव की प्रक्रिया लगभग 40 दिन की होगी। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों का शेड्यूल इस प्रकार अनुमानित है:
| चरण | तारीख (अनुमानित/घोषित) | विवरण |
|---|---|---|
| प्रारंभिक अधिसूचना | 6 अक्टूबर 2025 | चुनाव आयोग द्वारा सर्वप्रथम अधिसूचना जारी करना कि चुनाव कब होंगे। |
| नामांकन की शुरुआत | घोषणा के कुछ दिन बाद | उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने का अवसर मिलेगा। |
| नामांकन की अंतिम तिथि | नामांकन शुरू होने के 10–12 दिन बाद | प्रत्याशियों के नामांकन बंद होंगे और चुनाव कार्यालय में सूची जमा होगी। |
| नामांकन की जांच व सूची प्रकाशित | नामांकन के 2–3 दिन बाद | चुनाव कार्यालय सभी नामकरणों की जांच करेगा और अंतिम सूची जारी करेगा। |
| नामांकन वापस लेने की अवधि | जांच के बाद एक निर्धारित अवधि | इच्छुक उम्मीदवार पीछे हट सकते हैं। |
| प्रचार अभियान | नामांकन की अंतिम तारीख से मतदान तक | सभी पार्टियाँ और उम्मीदवार चुनावी प्रचार करेंगे। |
| मॉडल आचार संहिता लागू | अधिसूचना के साथ | सभी दलों और उम्मीदवारों को चुनाव आचार संहिता का पालन करना होगा। |
| मतदान – पहला चरण | 6 नवंबर 2025 | पहले चरण के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। |
| मतदान – दूसरा चरण | 11 नवंबर 2025 | शेष विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। |
| मतगणना | 14 नवंबर 2025 | वोटों की गिनती होगी और परिणाम घोषित होंगे। |
| नई विधानसभा का गठन | परिणाम घोषित होने के बाद | नई सरकार का शपथ ग्रहण और विधानसभा का गठन होगा। |
चुनावी तैयारियाँ और अहम बिंदु
इस चुनाव में मतदाता सूची सुधार पहले ही पूरा कर लिया गया है। हर बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं रखने का लक्ष्य रखा गया है ताकि मतदान सुचारू और प्रबंधन आसान हो सके।
इसी के साथ चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि अब ईवीएम में प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें भी दिखाई जाएँगी। इस कदम का उद्देश्य है कि चुनाव सबसे पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषण यह बता रहा है कि इस बार का मुकाबला मुख्यतः दो बड़े गुटों के बीच होगा — राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन। दोनों पक्षों ने चुनावी रणनीतियाँ पहले ही तैयार कर ली हैं और अब प्रचार की अंतिम दौड़ में हैं।
जनता की नजर और चुनावी माहौल
हर जिले, हर कस्बे और गांव में चुनावी हलचल दिखाई दे रही है। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं, मतदाता जागरूकता अभियान चल रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी उम्मीदवारों की तस्वीरें और घोषणाएँ तेज़ी से फैल रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव की जीत या हार केवल वोट प्रतिशत पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि चुनावी रणनीति, क्षेत्रीय समीकरण और प्रत्याशियों की स्थानीय लोकप्रियता अहम भूमिका निभाएगी।
मतदाता भी अब पहले से अधिक जागरूक हैं। मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईवीएम सुधारों ने जनता में भरोसा बढ़ाया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। चाहे आप गांव के खेतों में हों या शहर की गलियों में, हर मतदाता की भूमिका इस चुनाव में महत्वपूर्ण होगी। मतदान और चुनावी प्रक्रिया की जानकारी रखना आज हर नागरिक का कर्तव्य और अधिकार है।
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