Rajasthan: बांसवाड़ा में जबरन धर्म परिवर्तन, फिर गूंजा विवाद
Banswara tribal religious conversion case protest outside SP office
Banswara में tribal religious conversion का मामला, केरल के पादरी पर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप
बांसवाड़ा में जबरन धर्म परिवर्तन का मामला, जनजातीय क्षेत्र में फिर गूंजा विवाद
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कसारवाड़ी थाना क्षेत्र से जबरन धर्म परिवर्तन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि केरल से आए एक पादरी पर जनजातीय परिवारों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच और दबाव देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष फैल गया है और पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
लालच देकर कराया धर्म परिवर्तन, अब पूरे परिवार पर दबाव
पीड़ित परिवार ने बताया कि केरल से आए पादरी ने पहले परिवार के एक युवक को रुपए और भोजन सामग्री का लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया। इसके बाद अब पूरा परिवार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लाया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो पादरी ने उनके घर के पानी में धर्म भ्रष्ट करने वाला पदार्थ मिलाया और विरोध करने पर मारपीट तक की।
वाहन की चाबी छीनी, मारपीट की – पीड़ित परिवार की आपबीती
पीड़ितों का कहना है कि पादरी ने दबाव बनाने के दौरान उनके साथ मारपीट की और उनके वाहन की चाबी भी छीन ली। परिवार ने इस पूरी घटना की शिकायत बांसवाड़ा जिला पुलिस अधीक्षक से करते हुए न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई अन्य परिवारों को भी इसी तरह के लालच और दबाव में रखा जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई की मांग, लोगों ने सौंपा ज्ञापन
बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन के मामलों में केवल खानापूर्ति की कार्रवाई होती है, जबकि जमीनी स्तर पर धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ज्ञापन देने के दौरान त्रिभुवन (लाल शर्ट, चश्मा) और कमलेश (सफेद कपड़े) ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
सरकार ने पारित किया धर्म विरोधी कानून, फिर भी जारी हैं घटनाएं
गौरतलब है कि हाल ही में राजस्थान सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए “धर्म विरोधी कानून” पारित किया था। इसके बावजूद जनजातीय अंचलों में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल उठ रहे हैं।
जनजातीय अंचल में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय
मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमा से सटे इस जनजातीय क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं नया विषय नहीं हैं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि बाहरी तत्व यहां गरीब और अशिक्षित परिवारों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन का संकेत है।
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