“पत्रकारों” के हाथ से छिन गया “50” साल पुराना कानपुर “प्रेस रूम” – जानिए फिर “क्या” हुआ आगे

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रिपोर्ट – शिवा शर्मा – कानपुर नगर 

Kanpur News – कानपुर में शनिवार का दिन सोशल मीडिया पर उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया जब कमिश्नर ऑफ पुलिस कार्यालय परिसर में बने प्रेस रूम को छीन लिया गया। जिसको देखते हुए पत्रकारों ने अपने अधिकार को अपने हाथ से फिसला देख रोष व्याप्त दिखा। आपको बताते चलें कि आज से पचास वर्ष पूर्व शासन की अनुमति से जिले के पुलिस अधिकारियों ने इस प्रेस रूम की स्थापना की थी। जिसे अब सार्वजनिक करते हुए शिकायतकर्ताओं का विश्राम कक्ष बना दिया गया है। 

 
प्रेस रूम के वो पचास वर्ष 
 
पुलिस आयुक्त कार्यालय परिसर में आज से पचास साल पहले स्थापित किया गया था। जिसमे पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ पत्रकारों की बैठक खबरों और जिले की कानून व्यवस्थाओं के बीच का समझौता एक बड़ी ताकत रखता था। जिसकी वजह से जिले में बड़े-बड़े अपराध को कलम की ताकत और कानून का कदम एक दूसरे के सहयोग से खुलासा कर लिया जाता था। अगर कार्यकाल के दौरान याद किया जाये तो पुलिस कार्यालय में प्रवेश करते ही दाहिने हाथ पर ही पुलिस कप्तान (एसएसपी) का कार्यालय ऊपर की मंजिल में हुआ करता था और नीचे ग्राउंड फ्लोर में बाएं साइड के अंतिम कक्ष में प्रेस रूम हुआ करता था। जिसकी कमान पुलिस विभाग के दीक्षित जी, परिहार जी और मोती के हाथों रहा करती थी। जहां रोज सुबह ग्यारह बजे देश प्रदेश के बड़े अख़बारों टीवी चैनल के क्राइम रिपोर्टर की मौजूदगी कम्न्यूनिकेशन की मिसाल को कायम करता था। जिसका सिलसिला कई वर्षों तक इसी तरह चलता रहा और समय बदला तो प्रेस रूम के स्थान को बदल दिया गया। जिसके बाद कार्यालय परिसर में जिस जगह डीसीआरबी का ऑफिस हुआ करता था उसे प्रेस रूम करार दे दिया गया। 
 
पत्रकारों ने जताई नाराजगी 
 
शनिवार की सुबह जैसे ही कुछ पत्रकार साथी प्रेस रूम पहुंचे तो दीवार में अंकित शब्दों से प्रेस रूम के साथ हुआ था शिकायतकर्ताओं हेतु आगंतुक कक्ष (वरिष्ठ नागरिकगण, दिव्यांगजन/महिलाओं हेतु) .जिसे देख जब इसकी जानकारी की गई तो मालूम हुआ कि अब इस स्थान से प्रेस रूम को खत्म कर दिया गया है। बस क्या था सोशल मीडिया में इसकी चर्चा होने लगी। जिसकी चर्चा आस-पास के अन्य जिलों में भी होने लगी। इसी बीच कानपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारी एवं मीडिया जगत के अन्य संगठन उच्चाधिकारियों से गहन वार्ता की। जिसके उपरांत पुलिस आयुक्त के अधीनस्थ अधिकारियों ने इस बात से आश्वासित किया है कि कहीं भी इस तरह की मंशा नहीं है। जल्द ही प्रेस रूम की व्यवस्था पुनः स्थापित की जाएगी।  

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