UP News: मुस्लिम इलाके में फिर मिला मंदिर, काशी में तनाव.. बंगाली महिलाओं ने किया शंखनाद
UP News: संभल के बाद अब वाराणसी के मदनपुरा इलाके में मिले एक 250 साल पुराने मंदिर का मामला सुर्खियों में आ गया है। मुस्लिम बहुल इलाके में मौजूद इस मंदिर के बंद होने और ताले लगे रहने की खबर से विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ हिंदू संगठन मंदिर खोलने की मांग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ मुस्लिम समाज ने बाहरी लोगों की उपस्थिति पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करते हुए जांच के बाद उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
मदनपुरा में मिला 250 साल पुराना मंदिर
दरअसल, वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाके मदनपुरा में एक मंदिर को लेकर विवाद पैदा हो गया है। सनातन रक्षक दल ने दावा किया कि यह मंदिर करीब 250 साल पुराना है और पिछले 10-40 सालों से बंद पड़ा है। मंदिर के भीतर मिट्टी भरी हुई है और ताले जड़े हैं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल होने के बाद सोमवार से ही यह मामला चर्चा का विषय बन गया। मंगलवार सुबह से यहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और मंदिर के ताले खोलने की मांग पर अड़ गए।
बंगाली समाज की महिलाओं का प्रदर्शन
इसी बीच बंगाली समाज की महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर शंखनाद किया और “नम: पार्वती पतये हर-हर महादेव” के नारे लगाए। उनका कहना है कि मंदिर को पूजा-अर्चना के लिए खोला जाना चाहिए। महिलाओं ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं है।
मुस्लिम समुदाय का विरोध
वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बाहरी लोगों की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मुद्दा बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर पहले भी था और कोई पूजा करने से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन “बाहरी लोगों” का हस्तक्षेप सही नहीं है।
मकान मालिक राशिद खान ने कहा, “यह प्रॉपर्टी हमारी है। जो जैसा है, उसे वैसा ही रहने दिया जाए। किसी को यहां तमाशा नहीं करना चाहिए।”
प्रशासन का हस्तक्षेप और जांच का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ADM सिटी आलोक वर्मा और ACP ने स्थिति को संभाला। पुलिस ने बाजार बंद करवा दिया और भीड़ को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने कहा कि मंदिर को लेकर दो दिन के भीतर जांच की जाएगी।
ADM सिटी आलोक वर्मा ने कहा, “मंदिर से जुड़े दस्तावेज और इसके इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद तय होगा कि स्थिति क्या है और ताले खोलने का फैसला लिया जाएगा।”
सनातन रक्षक दल का दावा
वहीं, सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा ने दावा किया कि मंदिर का जिक्र काशीखंड में भी है। उन्होंने बताया कि, “काशी में ऐसे 18 मंदिर विलुप्त हुए हैं, जिन्हें हम खोज रहे हैं। यह मंदिर भी उनमें से एक है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर मंदिर का ताला खुलवाने की मांग की है।
तनाव बढ़ते ही पुलिस बल तैनात

स्थिति को काबू में रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए और हालात पर नजर बनाए हुए है।
समाज के विभिन्न पक्षों के विचार:
हिंदू संगठनों का पक्ष:
- मंदिर पूजा-अर्चना के लिए खोला जाए।
- यह मंदिर सनातन संस्कृति का हिस्सा है।
मुस्लिम समुदाय का पक्ष:
- बाहरी लोगों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
- अमन और शांति बनी रहनी चाहिए।
प्रशासन का रुख:
- मंदिर से जुड़े दस्तावेज खंगाले जाएंगे।
- जांच के बाद ही ताले खोलने पर निर्णय होगा।
निष्कर्ष:
वाराणसी के मदनपुरा में 250 साल पुराने मंदिर को लेकर विवाद ने सांप्रदायिक रंग न लेते हुए सांस्कृतिक और सामाजिक पहलू को उजागर किया है। एक ओर जहां हिंदू संगठन मंदिर खोलने पर जोर दे रहे हैं, वहीं मुस्लिम समाज का कहना है कि बाहरी हस्तक्षेप से माहौल न बिगड़े। फिलहाल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है और हालात पर पूरी निगरानी रखी जा रही है।
आगामी दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासनिक जांच के नतीजे पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।