Jaipur: राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना ‘वंदे मातरम’ को 150 साल पूरे, जानिए क्या हो रहे आयोजन ?
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Jaipur: राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना ‘वंदे मातरम’ को 150 साल पूरे, जानिए क्या हो रहे आयोजन ?
देशभक्ति की लहर में डूबी गुलाबी नगरी
जयपुर की शाम गुरुवार को देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गई, जब राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 years of national anthem की पूर्व संध्या पर शहर में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। अम्बेडकर सर्किल से शुरू होकर अमर जवान ज्योति तक निकले इस जुलूस में हजारों लोगों ने देशभक्ति गीतों की धुनों पर कदम मिलाया। इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रप्रेम जगाने वाले गीत को किनारे करने का काम किया, जबकि बीजेपी देश में राष्ट्रीय एकता का भाव जगाने में अग्रणी रही है।
मशाल जुलूस में उमड़ा जनसैलाब
देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच गुरुवार शाम जयपुर की सड़कों पर युवाओं और कार्यकर्ताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मशालें लिए लोग “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारे लगाते नजर आए। यह जुलूस अम्बेडकर सर्किल से अमर जवान ज्योति तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिकों ने भी भाग लिया।
सह-संयोजक प्रेम सिंह बनवासा ने बताया कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि हर देशभक्त नागरिक का कार्यक्रम है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मंच से संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय प्रतीकों को हाशिये पर रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभक्ति की नई अलख जगाई गई है। बनवासा ने कहा कि “दूसरी पार्टियों ने ‘वंदे मातरम’ जैसे गीतों को उपेक्षित किया, लेकिन आज पूरा देश इसे गर्व से गा रहा है।”
एसएमएस स्टेडियम में 50 हजार लोग करेंगे सामूहिक गायन
कार्यक्रम के संयोजक भूपेंद्र सैनी ने बताया कि शुक्रवार सुबह एसएमएस स्टेडियम में राज्य स्तरीय समारोह होगा, जिसमें करीब 50,000 लोग सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन करेंगे। उन्होंने कहा — “यह कार्यक्रम किसी दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। हम सब मिलकर राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने का गौरव मना रहे हैं।”
स्कूलों में होंगे देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम
सह-संयोजक प्रीति शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर पूरे प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता के साथ निबंध, चित्रकला, रंगोली, और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एनएसएस द्वारा स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान भी होगा।
इस अभियान की थीम — “एक स्थान, एक समय, एक गीत: वंदे मातरम” रखी गई है, ताकि राष्ट्रीय एकता और स्वदेशी भावना का संदेश हर गांव तक पहुंचे।
राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना ‘वंदे मातरम’
150 वर्षों से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ भारतीय जनमानस में देशभक्ति और एकता का प्रतीक रहा है। आज जब देश इसे सामूहिक रूप से गा रहा है, तो यह न सिर्फ इतिहास को याद करने का अवसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम का भाव जगाने की एक नई शुरुआत भी है।
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