भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल, पीलीभीत में सफल आयोजन
भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल, पीलीभीत में जागरूकता कार्यक्रम सफल
भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल: पीलीभीत में भूकम्प और अग्नि सुरक्षा पर माॅकड्रिल का आयोजन किया गया। यह माॅकड्रिल जिला मुख्यालय और ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित हुई। इसका उद्देश्य लोगों और बच्चों को भूकम्प और अग्निकांड से सुरक्षा के उपाय सिखाना था।

भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल: ड्रमण्ड इंटर कॉलेज में आयोजन
20 सितंबर 2024 को ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज में अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल का आयोजन सुबह 10:30 बजे किया गया। सबसे पहले स्कूल के प्रधानाचार्य ने जिला आपातकालीन केंद्र (ईओसी) को आग की सूचना दी। तत्पश्चात, ईओसी ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को तुरंत सूचित किया।
भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल, अग्निशमन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया
अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह और उनकी टीम ने मौके पर पहुँचकर आग बुझाने के लिए माॅक अभ्यास किया। उन्होंने छात्रों को सिलेंडर में आग लगने पर उससे निपटने के तरीके बताए, जिससे बच्चों ने आग पर काबू पाने के उपाय सीखे।

भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल, स्कूली बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम
माॅकड्रिल के दौरान छात्रों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इस बारे में विस्तार से समझाया गया। इससे उन्हें भविष्य में किसी भी अग्निकांड की स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया गया।
भूकम्प सुरक्षा पर राज्य स्तरीय माॅकड्रिल
कलेक्ट्रेट परिसर में भूकम्प पर आधारित माॅकड्रिल का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ की टीम ने भूकम्प के दौरान और उसके बाद क्या करना चाहिए, इस पर प्रशिक्षण दिया। टीम ने भूकम्प में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने का भी अभ्यास किया।
भूकम्प और अग्नि सुरक्षा माॅकड्रिल, महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझाव
भूकम्प के समय लिफ्ट का प्रयोग न करने, सीढ़ियों का इस्तेमाल करने और खुली जगह पर जाने के बारे में जागरूक किया गया। एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में अपने आस-पास के लोगों की भी मदद करनी चाहिए।
जनपद के ये अधिकारी रहे उपस्थिति
माॅक अभ्यास में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। यह माॅकड्रिल जनपद स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की तैयारी को मापने के लिए आयोजित की गई थी।
माॅकड्रिल की नियमितता पर जोर
अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया ने कहा कि इस तरह के माॅक अभ्यास हर तीन से छह महीने में आयोजित होने चाहिए। इससे लोगों को समय-समय पर जागरूक किया जा सके और वे आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।