यूपी में फिर से हुआ बड़ा सड़क हादसा, पलट गई श्रद्धालुओं से भरी बस, 35 घायल; फिर आगे जानिए क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया। बहराइच से मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पन्ना धाम जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक निजी बस लखनऊ-वाराणसी फोरलेन पर लोहरामऊ ओवरब्रिज पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में कुल 35 यात्री घायल हो गए, जिनमें 23 महिलाएं शामिल हैं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल मदद की और शीशा तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को नजदीकी राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
पढ़िए कहाँ जा रहे थे श्रद्धालु?
जानकारी के अनुसार, बस में 62 श्रद्धालु सवार थे, जो बहराइच जिले के पयागपुर थाने के रामनगर खजुरी, वैनी और मुरली तारा गांव* के रहने वाले थे। ये सभी लोग तीन दिवसीय तीर्थयात्रा पर निकले थे।
रात को ही श्रद्धालु अपने घरों से रवाना हुए थे। योजना के अनुसार, वे पहले पन्ना धाम में दर्शन करेंगे और फिर अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे।
जानिए कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों ने बताया कि बस जब सुल्तानपुर बाईपास के लोहरामऊ ओवरब्रिज पर चढ़ रही थी, तभी चालक को झपकी आ गई। इस कारण वाहन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे पलट गया।
हादसा अचानक हुआ, इसलिए यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घायलों का कराया गया उपचार और राहत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। सभी घायलों को इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद अधिकतर यात्रियों को डिस्चार्ज कर दिया।
जिला प्रशासन ने राहत कार्यों में तत्परता दिखाई और सभी यात्रियों को उनके घर वापस भेजने के लिए सरकारी बस की व्यवस्था की।
प्रशासन की तत्परता और स्थानीय सहयोग का दिखा नजारा
हादसे के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने न केवल यात्रियों को बाहर निकाला बल्कि पानी और प्राथमिक इलाज की भी व्यवस्था की।
वहीं, प्रशासन ने राहत कार्यों पर विशेष नजर रखी। अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज जाकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
तीर्थाटन की भावना पर नहीं पड़ा असर
हालांकि इस हादसे से यात्री भयभीत जरूर हुए, लेकिन उनकी तीर्थाटन की भावना पर इसका असर नहीं पड़ा। कई यात्रियों ने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना थी, लेकिन उनकी श्रद्धा और आस्था अडिग है।