UP News: ‘जय मां काली’ बोल के काटा खुद का गला, मंदिर में पुजारी ने इसलिए की आत्महत्या
UP News: वाराणसी में एक पुजारी ने मंगलवार को खुद का गला रेत लिया। पुजारी अमित शर्मा ने पूजा करते वक्त जयकारे लगाए और खुद के गले को चाकू से रेत दिया। जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे मोहल्ले को सकते में डाल दिया है, वहीं पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है।
घटना की जानकारी
वाराणसी के गायघाट मोहल्ले में रहने वाले पुजारी अमित शर्मा मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे घर के मंदिर में पूजा कर रहे थे। उनकी पत्नी जूली किचन में खाना बना रही थीं। अचानक अमित ने ‘जय मां काली’ के जयकारे लगाते हुए अपने गले को चाकू से रेत लिया। गला कटने के बाद पुजारी चिल्लाते हुए जमीन पर गिर पड़े। पत्नी जब चीख सुनकर दौड़ी, तो देखा कि पुजारी लहूलुहान पड़े हैं और उनके पास खून से सना हुआ चाकू पड़ा था।
परिजनों का भागना और पुलिस की जांच
अमित को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मृतक का परिवार शव को अस्पताल से लेकर कहीं चला गया, जिससे पुलिस के लिए स्थिति और जटिल हो गई। पुलिस ने पुजारी के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और मृतक के परिजनों की तलाश की जा रही है।
अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का प्रभाव
गांव के लोगों का कहना है कि पुजारी पूजा-पाठ के साथ-साथ तंत्र-मंत्र भी करते थे, और यह भी संभावना जताई जा रही है कि उन्होंने किसी तंत्र-मंत्र के कारण ऐसा कदम उठाया। समाज में आज भी कई लोग तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास को एक शक्तिशाली साधन मानते हैं, जिससे अपनी इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश की जाती है। क्या यह घटना उसी अंधविश्वास का हिस्सा थी? यह सवाल उठता है। वहीं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि परिजन शव लेकर किसी तांत्रिक या गुरु के पास गए होंगे, जिससे मामला और भी जटिल हो सकता है।
समाज में अंधविश्वास के प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भले ही हम आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हों, लेकिन अंधविश्वास आज भी हमारे समाज में गहरे रूप से व्याप्त है। वैज्ञानिक सोच और शिक्षा के बावजूद, लोग तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के प्रभाव में आकर ऐसे खतरनाक कदम उठाने से नहीं चूकते। यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास और इसके खतरनाक प्रभावों को उजागर करती है। ऐसे मामलों से यह साफ होता है कि आज भी हम अंधविश्वास की चपेट में हैं, और इससे बचने के लिए समाज में और भी अधिक जागरूकता की जरूरत है।
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी काशी जोन, गौरव बंसवाल ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस परिवार से संपर्क कर रही है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। एसीपी कोतवाली मामले की जांच कर रहे हैं और इस घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
