Tonk: हाईटेंशन विद्युत लाइन का दौड़ा करंट, दो सगे भाइयों की मौत
Tonk electric shock accident : हाईटेंशन विद्युत लाइन का दौड़ा करंट, दो सगे भाइयों की मौत से गांव में मातम
टोंक जिले के पीपलू उपखंड के बलखड़िया गांव में शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते दो सगे भाइयों की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
खेत में काम करते समय झूलते तारों की चपेट में आए
सुबह बलखड़िया गांव निवासी रामनारायण पुत्र मंगला बलाई (33 वर्ष) और हरलाल पुत्र मंगला बलाई (26 वर्ष) अपने खेत पर काम करने गए थे। खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के झूलते तार अचानक दोनों के संपर्क में आ गए। कुछ ही सेकंड में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों ने कहा— दो साल से दे रहे थे शिकायतें
ग्रामीणों ने बताया कि झूलते विद्युत तारों को लेकर पिछले दो वर्षों से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्यवाही नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय पर मरम्मत कर दी जाती तो यह vidhut theft death हादसा नहीं होता।
घटनास्थल पर प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारी पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही झिराना थानाधिकारी हरीमन मीना और नायब तहसीलदार पीपलू प्रभुलाल मीणा मौके पर पहुंचे। इसके बाद विद्युत विभाग के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर के.एल. पटेल और उपखंड अधिकारी गठराज बडगोती भी घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की।
9 घंटे बाद सुलह, परिजनों ने रखी ये मांगें
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ 50 लाख रुपए मुआवजे और मृतक की पत्नी को 8 हजार रुपए मासिक पेंशन देने की मांग की। लगभग 9 घंटे की वार्ता के बाद विभाग ने लिखित समझौता किया और दोपहर करीब 3 बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
गांव में शोक की लहर, प्रशासन पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे से पूरा बलखड़िया गांव शोक में डूब गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही की कीमत दो जिंदगियों ने चुकाई है। अब लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
Tonk जिले के बलखड़िया गांव में करंट हादसा बिजली विभाग की लापरवाही का ताजा उदाहरण बन गया। ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी करने की कीमत दो युवाओं को जान देकर चुकानी पड़ी। अब गांव में लोग न्याय और मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं।
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