“पितृ पक्ष” में नहीं करने चाहिए ये काम – वरना नाराज हो जाएंगे पितर
पितृ पक्ष या श्राद्ध 14 अक्टूबर 2023 तक चलेगा। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता हैं। मान्यता है कि पितृ पक्ष में मृत पूर्वजों की आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं। जिसकी वजह से इंसान का जीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे समय पर पितरों को खुश करने एवं उनके स्वर्गवास के लिए श्राद्ध अनुष्ठान किया जाता है। हालांकि, पितृ पक्ष के कुछ नियम भी होते हैं। जिनका भूलकर भी उल्लंघन किया गया तो पितर चंद पलों में नाराज हो जाते हैं। जिसका खामियाजा किसी न किसी हानि के जरिये प्राप्त हो जाता है। तो इस सावधानी को जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ।
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पितृ पक्ष के समय काल के दौरान चावल, मांस, लहसुन, प्याज, तामसिक और बाहर का भोजन नहीं करना चाहिए। यहां तक कि बैंगन की सब्जी भी नहीं खानी चाहिए। यानी जो व्यक्ति पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों को जल अर्पित करता है उसे सात्विक भोजन ही करना चाहिए। इसके अलावा श्राद्ध भोजन में मसूर, काली उड़द, चना, काला जीरा, काला नमक, काली सरसों और कोई भी अशुद्ध या बासी खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करना चाहिए। जिस इंसान को पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म करना है। उसको बाल, दाढ़ी यहां तक कि नाखून भी नहीं काटने चाहिए, साथ ही इस दौरान बिना धुले और गंदे कपड़े पहनने से भी परहेज करना चाहिए। कर्म करते समय चमड़े से बने किसी भी चीज को नहीं पहनना चाहिए।
अपनाए यह नियम
श्राद्ध कर्म के दौरान मंत्रों का जाप करते समय किसी के टोकने पर जरा भी न रुके। इसके पूरा करने के बाद ही अन्य कार्य पर ध्यान दें, पितृ पक्ष के दौरान किसी भी तरह के व्यसन से फल नहीं मिलता है।
श्राद्ध के दिन कर्म करने वाले व्यक्ति को बार-बार भोजन करने से बचना चाहिए। ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता कि इस बात पितर नाराज होते हैं।
पूजा के लिए लोहे के बर्तनों का प्रयोग न करें। इसकी जगह पर सोने, चांदी, तांबे या कांसे के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, पितृ पक्ष के दौरान किसी भी तरह की नई वस्तु को खरीदने से भी बचना चाहिए। जरूरत होने पर भी न नए कपड़े खरीदे और न ही पहनें। यहां तक कि किसी भी तरह के प्रसन्नता पूर्ण आयोजन को करने से भी बचना चाहिए। चाहे वह किसी का जन्मदिन या ऐसा ही अन्य कुछ क्यों न हो।