Terror Plot in India: रुपईडीहा अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर ब्रिटिश महिला और पाकिस्तानी पुरुष गिरफ्तार

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Terror Plot in India: रुपईडीहा चेकपोस्ट पर भारत में घुसपैठ की कोशिश करते ब्रिटिश महिला और पाकिस्तानी पुरुष गिरफ्तार, आतंकवाद से जुड़ी साजिश की जांच तेज।

Terror Plot in India: रुपईडीहा अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर अवैध घुसपैठ की कोशिश नाकाम — ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त महिला और पाकिस्तानी मूल के पुरुष को पुलिस ने धर-दबोचा

भारत–नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर 15 नवंबर 2025 की सुबह सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सीमाएं अडिग हैं और अवैध घुसपैठ की हर साजिश को कुचलने की क्षमता रखती हैं। संयुक्त अभियान में पुलिस और SSB ने दो विदेशी नागरिकों को नेपाल की ओर से भारत में अवैध रूप से प्रवेश करते समय गिरफ्तार किया। दोनों ब्रिटिश पासपोर्ट धारक हैं, जिनमें से एक पाकिस्तानी मूल का है।

यह कार्रवाई न सिर्फ सतर्कता का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कितनी तेजी और समझदारी से प्रतिक्रिया देती हैं।

अभियुक्तों की विस्तृत जानकारी

थाना रुपईडीहा पुलिस द्वारा दर्ज विवरण के अनुसार गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार है:

सुमित्रा शकील ओलिविया

पिता: जॉन फ्रेडरिक

मूल निवासी: उडुपी, कर्नाटक, भारत

नागरिकता: ब्रिटिश

दस्तावेज: ब्रिटिश पासपोर्ट धारक व OCI कार्ड होल्डर

पता: 25 HEARCHCOMBE ड्राइव, ग्लॉस्टर, UK

हस्सन अम्मान सलीम (35 वर्ष)

पिता: मोहम्मद सलीम

मूल: पाकिस्तानी

नागरिकता: ब्रिटिश

वर्तमान पता: 1A DALMORTON रोड, मैनचेस्टर, UK

घटना की पूरी कहानी — सीमा पर बढ़ी हलचल

रुपईडीहा चेकपोस्ट पर तैनात SSB एवं स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान चला रहे थे। इसी दौरान सुबह लगभग 10 बजे के आसपास दोनों विदेशी नागरिक नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश करते दिखे। प्राथमिक पूछताछ में उनके पास—

भारत प्रवेश का कोई वैध वीजा,

कोई अनुमति पत्र,

कोई यात्रा दस्तावेज

नहीं मिला।

दस्तावेजों के अभाव और संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों भारत–नेपाल सीमा से अवैध तरीके से प्रवेश कर रहे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों नेपालगंज में अपने डॉक्टर मित्र से मिलने गए थे, पर भारत में प्रवेश के लिए उनके पास औपचारिक अनुमति नहीं थी।

सीमा सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत — क्यों यह घटना बेहद संवेदनशील

यह गिरफ्तारी सिर्फ सामान्य अवैध प्रवेश का मामला नहीं है, बल्कि कई कारणों से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है:

 पाकिस्तानी मूल का विदेशी नागरिक — सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी

ऐसे मामलों में पाकिस्तान मूल होने से सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क रहती हैं, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल ब्रिटेन और यूरोप के रास्ते भी सक्रिय पाए गए हैं।

बिना वीजा भारत में प्रवेश — यह केवल लापरवाही नहीं साजिश 

विदेशी नागरिकों के लिए भारत–नेपाल सीमा से प्रवेश हेतु वैध दस्तावेज अनिवार्य हैं।
बिना दस्तावेज प्रवेश एक संगठित अवैध नेटवर्क की ओर संकेत कर सकता है।

भारत–नेपाल की खुली सीमा आतंकियों और तस्करों के निशाने पर

भारत–नेपाल सीमा पर आतंकवाद, हवाला, मानव तस्करी और अवैध शरण की कोशिशें समय-समय पर पकड़ी जाती रही हैं।
ऐसे में यह घटना सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत दर्शाती है।

पुलिस की कार्रवाई — FIR दर्ज, न्यायालय में पेशी

थाना रुपईडीहा में दोनों आरोपियों के विरुद्ध—

धारा 14A विदेशी अधिनियम,

अन्य संबंधित धाराओं

के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

फिलहाल दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जहाँ आगे की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इनके—

यात्रा इतिहास,

संपर्कों,

नेपाल में ठहराव,

मोबाइल डाटा,

एवं UK में पृष्ठभूमि

की जांच में जुटी हैं।

भारत की सुरक्षा एजेंसियां चौकस, घुसपैठ करने वालों को कड़ा संदेश

यह घटना स्पष्ट करती है कि भारत अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा
जिस सीमा को आतंकियों व अवैध घुसपैठियों के आसान मार्ग के रूप में देखा जाता था, वहाँ आज भारत की सुरक्षा एजेंसियां हर कदम पर तैयार हैं।

भारत–नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा चेकपोस्ट की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि—

“भारत की सीमा न सिर्फ भौगोलिक रेखा है, बल्कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और आतंकवाद-रोधी संकल्प का मजबूत किला है।”

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