Pilibhit: 440 जोड़े बने जीवन साथी, समाज कल्याण विभाग का आशीर्वाद और 5 लाख ऋण का तोहफा

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Pilibhit: 440 जोड़े बने जीवन साथी, समाज कल्याण विभाग का आशीर्वाद और 5 लाख ऋण का तोहफा

Pilibhit: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 440 नवविवाहित जोड़ों का विवाह, वर-वधू को 5 लाख रुपये तक का रोजगार ऋण का अवसर 

सामाजिक कल्याण और नवयुगलों के लिए नई उम्मीद

पीलीभीत में आज  एक पावन और रोमांचक दिन था, जब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल 492 पंजीकृत नवयुगलों में से 440 जोड़ों ने राजकीय ड्रमण्ड इंटर कालेज परिसर में अपना विवाह संपन्न कराया। यह केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि सरकार की सामाजिक कल्याण नीति और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल था। समारोह में शामिल सभी नवविवाहित जोड़ों को पौधे, उपहार और आशीर्वाद देकर उन्हें अपने नए जीवन के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्य अतिथि, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने नवयुगलों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास है। इसी दृष्टिकोण से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह के साथ-साथ नवविवाहित जोड़ों को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण देने का प्रावधान किया है, ताकि वे अपना रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

समारोह की पूरी झलक — एक पारंपरिक और आधिकारिक उत्सव

सामारोह में विधानसभा क्षेत्र पीलीभीत के विकास खंड अमरिया, ललौरीखेडा और नगर पंचायतों जहानाबाद, पकडिया, नौगवां तथा नगर पालिका परिषद पीलीभीत के नवविवाहित जोड़े शामिल हुए। इस दौरान राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रोशनी यादव, नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर और जिला समाज कल्याण अधिकारी चन्द्रमोहन विश्नोई समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

492 पंजीकृत जोड़ो में से 440 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें 100 अल्पसंख्यक जोड़ें भी शामिल थीं। अधिकारियों ने नवयुगलों को विवाह के आवश्यक उपहार और पौधे प्रदान किए और उन्हें जीवन की नई पारी में सफलता, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

जिलाधिकारी ने सभी नवविवाहित जोड़ों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वे अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से उन्हें 5 लाख रुपये तक बिना ब्याज का ऋण मिल सकता है, जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपना रोजगार स्थापित कर सकें।

सरकार और प्रशासन का उद्देश्य — विवाह के साथ आर्थिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मूल उद्देश्य केवल विवाह का आयोजन नहीं है। सरकार की मंशा सामाजिक समानता और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत:

विवाह समारोह का आयोजन ताकि गरीब और कमजोर वर्ग के नवयुगलों को सम्मानपूर्वक जीवन संगिनी के साथ जीवन आरंभ करने का अवसर मिले।

उपहार और पौधे देकर विवाह को पवित्र और यादगार बनाना।

5 लाख रुपये तक का ऋण देकर नवविवाहित जोड़ों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर देना।

सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारी का संदेश देना ताकि नवयुगल गृहस्थ जीवन में अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।

राज्यमंत्री ने बताया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजना का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, ताकि समाज के हर वर्ग को न्याय और विकास का अधिकार मिले।

सार्वजनिक और सामाजिक महत्व

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम ने न केवल नवविवाहित जोड़ो के जीवन में खुशियों का संचार किया, बल्कि राज्य सरकार की समान अवसर और सामाजिक कल्याण नीति का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। समारोह में शामिल अधिकारियों ने कहा कि यह योजना समाज में विवाह संस्कार को आसान और सम्मानजनक बनाने के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि का भी माध्यम है।

सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि नए विवाहित जोड़े शुरुआत से ही आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हों। सामूहिक विवाह समारोह और रोजगार ऋण दोनों मिलकर नवयुगलों को एक नई दिशा और आत्मनिर्भर जीवन की ओर ले जाते हैं।

पीलीभीत समाज कल्याण विभाग- नवविवाहितों के लिए शुभकामना संदेश

नई शुरुआत, नए सपने

समाज कल्याण विभाग की ओर से नवविवाहित जोड़ों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी जाती हैं। यह समारोह केवल विवाह का आयोजन नहीं है, बल्कि जीवन की नई शुरुआत और नए सपनों को साकार करने का प्रतीक है। विभाग का संदेश है कि हर जोड़ा अपने रिश्ते को प्यार, सम्मान और आपसी समझ के आधार पर आगे बढ़ाए।

जीवन में स्थायित्व और समृद्धि

जैसा कि नवविवाहितों को पौधे उपहार में दिए गए हैं, यह जीवन में स्थायित्व, विकास और समृद्धि का प्रतीक है। विभाग का संदेश है कि जैसे पौधा धीरे-धीरे बढ़ता है और फल देता है, वैसे ही विवाहित जीवन में धैर्य, समझदारी और सहयोग से खुशियाँ बढ़ती हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता

समाज कल्याण विभाग यह सुनिश्चित करता है कि नवविवाहित जोड़े न केवल सामाजिक रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हों। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत उन्हें 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया गया है। विभाग का संदेश है कि आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य और समझदारी सफलता की कुंजी है।

सामाजिक और पारिवारिक उत्तरदायित्व

समाज कल्याण विभाग का यह संदेश है कि नवविवाहित जोड़े अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार बनें। यह अवसर उन्हें याद दिलाता है कि पारिवारिक, सामाजिक और नैतिक उत्तरदायित्वों को निभाना जीवन की पवित्र परंपरा है।

आशीर्वाद और शुभकामनाएँ

विभाग की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को जीवन की हर पारी में सुख, समृद्धि और प्रेम की कामना की जाती है। यह समारोह यह संदेश देता है कि सरकार और समाज मिलकर नवयुगलों के सशक्त, खुशहाल और सम्मानजनक जीवन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 शादी और रोजगार का शानदार संगम

पीलीभीत के ड्रमण्ड इंटर कालेज में संपन्न यह सामूहिक विवाह केवल समारोह नहीं था। यह राज्य सरकार और समाज कल्याण विभाग की सोच, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल था। नवविवाहित जोड़ो को दिए गए पौधे, उपहार और 5 लाख रुपये तक का ऋण इस बात का प्रतीक हैं कि सचमुच समाज में विकास और खुशहाली लाने की कोशिश की जा रही है।

यह सामूहिक विवाह न केवल पारिवारिक और सामाजिक उत्तरदायित्व की याद दिलाता है, बल्कि नवयुगलों को स्वावलंबन और आत्मनिर्भर जीवन की ओर मार्गदर्शन भी करता है।

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