SCO Summit: भारत का दबदबा – पाकिस्तान PM के सामने पहलगाम हमले की निंदा, आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश
SCO Summit:भारत की बड़ी जीत- तंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश, पहलगाम हमले की निंदा
चीन में चल रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दूसरे दिन भारत को बड़ी सफलता मिली। संगठन की घोषणा पत्र में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। खास बात यह रही कि इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे।
SCO Summit:भारत का दबदबा और पहलगाम हमले की गूंज
भारत ने लंबे समय से आतंकवाद के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर जोर-शोर से उठाया है। इस बार SCO के घोषणापत्र में साफ शब्दों में कहा गया कि पहलगाम हमले के दोषियों, योजनाकारों और उनके मददगारों को सजा मिलनी चाहिए। यह भारत के लिए कूटनीतिक जीत मानी जा रही है क्योंकि जून में हुई SCO की रक्षा मंत्रियों की बैठक में इस हमले का जिक्र तक नहीं किया गया था।
तभी भारत ने नाराजगी जताई थी और उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। लेकिन इस बार भारत की सख्ती और कूटनीतिक रणनीति रंग लाई और आतंकवाद के मुद्दे को केंद्र में लाया गया।
SCO Summit:पीएम मोदी का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट के आखिरी दिन अपने संबोधन में आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद को झेल रहा है और इसके खिलाफ सख्त वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता है।
मोदी ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह आतंकवाद का सबसे घिनौना चेहरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कुछ देशों को आतंकवाद को खुला समर्थन देने की छूट क्यों दी जा रही है। पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाएगा, तब तक विश्व में शांति और विकास अधूरा रहेगा।
SCO के सदस्य देशों की भूमिका
समिट में शामिल देशों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा गया कि आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
भारत के लगातार दबाव के बाद SCO के देशों का यह रुख वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।
SCO Summit:भारत की कूटनीतिक सफलता
पहलगाम हमले का SCO के घोषणापत्र में शामिल होना भारत के लिए न केवल एक कूटनीतिक उपलब्धि है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी जीत भी है। पाकिस्तान की मौजूदगी में इस निंदा का दर्ज होना अपने आप में ऐतिहासिक है।
भारत ने यह संदेश दिया है कि आतंकवाद अब केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौती है, और हर देश को इस पर सख्ती से कार्रवाई करनी होगी।
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