डायबिटीज पर नया शोध, उपवास से होगी कंट्रोल
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के मेडिसिन विभाग द्वारा किए गए शोध में यह उजागर हुआ है कि सिर्फ नाश्ता छोड़ने से डायबिटीज, वजन और लिपिड प्रोफाइल में सुधार देखा जा सकता है। इस अध्ययन में पाया गया कि 16 घंटे के उपवास (जिसमें केवल दो बार भोजन किया गया) से न केवल ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित हुआ बल्कि रोगियों का वजन और कोलेस्ट्रॉल भी घट गया।शोध के तहत उन 102 रोगियों को शामिल किया गया जिनका ब्लड शुगर दवा खाने के बाद भी नियंत्रित नहीं हो रहा था। इन मरीजों में से कुछ मोटापे से ग्रसित थे और उनका लिपिड प्रोफाइल भी बढ़ा हुआ था। अध्ययन का नेतृत्व प्रोफेसर डॉक्टर विशाल गुप्ता ने किया। रोगियों को उनके पूर्व निर्धारित दवाइयाँ ही दी गईं, लेकिन उनके नाश्ते को बंद कर दिया गया। शोध के दौरान रोगियों ने दोपहर और रात का भोजन सामान्य रूप से किया। नाश्ता बंद करने से दो भोजन के बीच 16 घंटे का उपवास सुनिश्चित हुआ।

6 महीनों में नतीजे
शोध के नतीजों ने बताया कि 6 महीनों में रोगियों की फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल में 20-25% और भोजन के बाद की शुगर लेवल में 40% तक की कमी आई। इसके अलावा, रोगियों के शरीर का औसत वजन 6 किलोग्राम कम हो गया और खून में ट्राइग्लिसराइड व कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में 40-50 मिलीग्राम प्रति डील की गिरावट दर्ज की गई।
2 साल का शोध, 102 रोगियों पर किया गया:
यह शोध 102 रोगियों पर 2 साल तक चला। डॉक्टर विशाल गुप्ता के अनुसार, मरीजों को वही कैलोरी दी गई जो वे पहले से ले रहे थे। अंतर केवल यह था कि उन्हें दो बार खाने के बीच का अंतराल 16 घंटे का दिया गया। शोध के परिणामों से यह साबित होता है कि 16 घंटे का उपवास करने से न केवल ब्लड शुगर स्तर नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि मोटापा और लिपिड प्रोफाइल में भी सुधार किया जा सकता है।

कम उम्र में बढ़ रही डायबिटीज के मामले शोध से यह भी सामने आया कि अब 30 से 40 साल की आयु वर्ग में भी हाई ब्लड शुगर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस अध्ययन के परिणामों ने एक नई दिशा दी है कि किस प्रकार खानपान में परिवर्तन और 16 घंटे उपवास करके डायबिटीज, वजन और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।