Stray Dog Law 2025: आज सुनाएगा ऐतिहासिक फैसला, आखिर आवारा कुत्तों का क्या होगा?
Stray Dog Law 2025: आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला — आवारा कुत्तों के मुद्दे पर देशभर की नज़रें
इंसान और जानवरों के बीच संतुलन का सबसे बड़ा फैसला
आज यानी 22 अगस्त 2025 का दिन देश के लिए बेहद अहम है। सुप्रीम कोर्ट आज उस फैसले को सुनाने जा रहा है, जिस पर लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है — आवारा कुत्तों का क्या होगा?
सालों से सड़कों पर कुत्तों के हमलों से पीड़ित आम नागरिक सुरक्षित माहौल की मांग कर रहे हैं, वहीं पशु-प्रेमी और अधिकार संगठन इन बेजुबान जीवों के अधिकार और अस्तित्व को लेकर चिंतित हैं। अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि देश किस रास्ते पर आगे बढ़ेगा — सिर्फ सुरक्षा का रास्ता या सुरक्षा और संवेदना के बीच संतुलन।
Stray Dog Law 2025: 11 अगस्त 2025 — आदेश जिसने हलचल मचा दी
सुप्रीम कोर्ट की एक द्वि-न्यायाधीशीय बेंच ने आदेश दिया कि दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को आठ हफ्ते के भीतर पकड़कर शेल्टर होम्स में भेजा जाए। यह आदेश आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया था, ताकि कुत्तों के हमले और रेबीज़ से होने वाली मौतों को रोका जा सके।
यह आदेश मिलते ही देशभर में हलचल मच गई। आम लोग इसे राहत मानकर खुश हुए, लेकिन पशु-प्रेमियों ने इसे अमानवीय करार दिया।
Stray Dog Law 2025: 12–13 अगस्त 2025 — विरोध की आवाज़ें तेज
आदेश के अगले ही दिन से पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं और संगठनों ने तीखा विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि:
शेल्टर होम्स की संख्या और संसाधन बेहद सीमित हैं।
इतने बड़े पैमाने पर कुत्तों को कैद करना न तो संभव है और न ही मानवीय।
Animal Birth Control (ABC) अधिनियम 2023 स्पष्ट कहता है कि नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों को उनके मूल स्थान पर छोड़ा जाए।
Stray Dog Law 2025: 14 अगस्त 2025 — नई बेंच की सुनवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक नई तीन-न्यायाधीशीय बेंच गठित की। इसमें न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया शामिल हुए।
इस बेंच ने सरकार और विरोधी पक्ष दोनों को सुना। सरकार ने दलील दी कि हर साल करोड़ों लोग कुत्तों द्वारा काटे जाते हैं और हजारों मौतें होती हैं। दूसरी ओर, कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस आदेश को लागू करना असंभव है और इससे कुत्तों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।
Stray Dog Law 2025: 15–21 अगस्त 2025 — बहस गहराई तक पहुँची
इस दौरान अदालत में कई पहलुओं पर गंभीर बहस हुई:
सरकार का पक्ष: लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
विरोधी पक्ष: कुत्तों को कैद करना कानून और नैतिकता दोनों के खिलाफ है।
सुझाव: बड़े पैमाने पर नसबंदी और वैक्सीनेशन कार्यक्रम ही स्थायी समाधान है।
22 अगस्त 2025 — आज का दिन, ऐतिहासिक फैसला
आज सुप्रीम कोर्ट अपनी अंतिम टिप्पणी और फैसला सुनाने जा रहा है। यह फैसला देशभर के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि यह तय करेगा कि आने वाले समय में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने का तरीका क्या होगा।
क्या सभी कुत्तों को शेल्टर में भेजा जाएगा?
क्या नसबंदी और वैक्सीनेशन को ही स्थायी समाधान माना जाएगा?
या फिर कोई ऐसा संतुलित रास्ता निकलेगा जिसमें इंसानों की सुरक्षा और जानवरों के अधिकार दोनों का सम्मान हो?
आज शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट किस ओर झुकता है।
Stray Dog Law 2025: सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर
आवारा कुत्तों का मुद्दा अब सिर्फ एक प्रशासनिक समस्या नहीं रहा, बल्कि यह नैतिकता, संवेदना और जनसुरक्षा से जुड़ा सवाल बन चुका है। आज का दिन यह तय करेगा कि भारत इस चुनौती से निपटने के लिए कौन सा रास्ता अपनाता है।
देशभर की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं और हर कोई इंतजार कर रहा है — क्या इंसानों और जानवरों के बीच संतुलन का रास्ता मिलेगा या टकराव और गहरा जाएगा?