Srinagar Naugam Blast: 9 की मौत 27 घायल

Srinagar Naugam Blast: नौगाम से लालकिला और पहलगाम तक… सात महीनों में पाकिस्तान का खूनी खेल! 50 भारतीयों की हत्या के बाद भारत अब निर्णायक प्रहार की तैयारी में

भारत एक बार फिर दहल उठा है… सात महीनों में पाकिस्तान की सरहद पार बैठे आतंकी मासूम भारतीयों का खून बहाने की जिस खूनी साजिश पर उतर आए हैं, उसकी ताज़ा गूंज कल रात श्रीनगर के नौगाम में सुनाई दी—जहाँ एक जोरदार धमाके ने 9 भारतीयों की जान ले ली और 27 से अधिक लोग घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इससे पहले पहलगाम में 28, और दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिले के साये में 13 निर्दोष भारतीयों की जानें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने छीन ली थीं। लगातार हो रहे इन हमलों ने एक बार फिर साबित कर दिया—भारत अब निर्णायक मुकाबले के मुहाने पर खड़ा है और आतंकवाद के सफाए की रणनीति पहले से कहीं अधिक करने की जरूरत है ।

श्रीनगर का नौगाम — रात के सन्नाटे में मौत का धमाका

श्रीनगर के नौगाम थाना क्षेत्र में बीती रात हुआ जोरदार विस्फोट सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का भारत को खुली चुनौती देने जैसा है। रात के अंधेरे में हुआ यह ब्लास्ट इतना ताक़तवर था कि आसपास के इलाकों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
इस धमाके में 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 27 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ कई की हालत बेहद नाज़ुक बताई जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों के शुरुआती इनपुट बताते हैं कि यह हमला पहले से प्लान्ड, प्रशिक्षित, और पाकिस्तान की ओर से संचालित आतंकी मॉड्यूल द्वारा अंजाम दिया गया है।

सात महीने — 50 भारतीयों का खून, एक ही पैटर्न, एक ही सरगना: पाकिस्तान

पाकिस्तानी प्रायोजित आतंकवाद की बर्बरता सिर्फ नौगाम तक सीमित नहीं।
पिछले 7 महीनों में भारत के इन तीन बड़े स्थानों पर आतंकियों ने खूनी तांडव मचाया—

1. पहलगाम — 28 भारतीयों की हत्या

कश्मीर का शांति का प्रतीक पहलगाम, एक दिन में आतंकियों की गोलियों से ऐसा छलनी हुआ कि 28 परिवार उजड़ गए। यह हमला पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को दहशत में डालने के लिए किया गया था। पाकिस्तान का मकसद साफ था—कश्मीर के जनजीवन को स्थिर होने न देना।

2. दिल्ली — लालकिले के साये में 13 भारतीयों की हत्या

भारत के गौरव और इतिहास के प्रतीक लालकिला परिसर के आसपास हुआ ब्लास्ट पाकिस्तान की नापाक मानसिकता की सबसे बड़ी मिसाल था। भीड़भाड़ वाले इलाके में की गई यह वारदात राष्ट्रीय राजधानी की शांति को डगमगाने के उद्देश्य से की गई थी।
13 निर्दोष भारतीयों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया था।

3. नौगाम — 9 भारतीय फिर आतंक की भेंट चढ़े

और अब… नौगाम का यह हमला पिछले हमलों की ही कड़ी है, जिसे एक “कनेक्टेड ऑपरेशन” माना जा रहा है।
पाकिस्तान की तरफ से लगातार आतंकियों को भेजकर, उन्हें वित्तीय और लॉजिस्टिक सपोर्ट देकर भारत को अस्थिर करने की रणनीति रची जा रही है।

भारत का काउंटर-टेररिज़्म मॉडल — अब खेल पलट चुका है

नौगाम धमाके के तुरंत बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की एक-एक यूनिट अलर्ट मोड पर आ चुकी है।
भारत अब “रेटालिएशन मोड” में है—

1. हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन

कश्मीर से लेकर पंजाब की सीमा तक सुरक्षा घेरा कई गुना बढ़ा दिया गया है। इनपुट-आधारित ऑपरेशन शुरू कर दिए गए हैं।

2. पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर रणनीतिक प्रहार की तैयारी

डिफेंस विशेषज्ञों की मानें तो भारत की अगली नीति “आतंक के स्रोत पर प्रहार” की होगी।
बलाकोट-2 जैसी परिस्थितियों को लेकर फौज हाई-कमांड पूरी सतर्कता से कदम बढ़ा रही है।

3. घाटी में हाइब्रिड नेटवर्क का सफाया

NIA, SOG और सेना की संयुक्त टीमें हाइब्रिड आतंकियों और ओवर-ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को चिन्हित करने में जुट गई हैं।
घाटी में छिपे हर स्लीपर सेल का अंत निश्चित माना जा रहा है।

4. डिजिटल निगरानी और ड्रोन-सर्विलांस

ड्रोन तकनीक और AI-आधारित निगरानी से आतंकियों की मूवमेंट पर 24×7 नजर रखी जा रही है।
सीमा से भेजे जा रहे हथियारों और विस्फोटकों को रोकने के लिए नई स्ट्रैटेजी लागू की गई है।

भारत की सुरक्षा एजेंसियों का संदेश साफ: ‘हम न रुकेंगे, न झुकेंगे’

पाकिस्तान चाहे जितना भी आतंकी खेल खेले, भारत अपनी धरती पर एक भी आतंकवादी को टिकने नहीं देगा।
नौगाम धमाके के बाद एजेंसियों का रुख पहले से कई गुणा सख्त हो चुका है।
जवानों का कहना है—
“अब हर हमले का जवाब दस गुना ताकत से मिलेगा। भारत किसी भी कीमत पर आतंकवाद का सफाया कर के रहेगा।”

घायल और मृतकों के परिजनों में चीख-पुकार, देश में गुस्सा — ‘कब तक?’

नौगाम के हालात भयावह हैं। अस्पतालों में घायल अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
परिजनों की चीखें दिल को छलनी कर रही हैं…
हर कोई एक ही सवाल कर रहा है—
“कब तक पाकिस्तान भारतीयों का खून बहाता रहेगा?”

लेकिन पूरे देश का जवाब एक स्वर में गूंज रहा है—
“अब बहुत हो चुका। आतंकवाद का अंत अब निश्चित है।”

नौगाम, पहलगाम और दिल्ली…
तीनों घटनाएं पाकिस्तान की एक ही पैटर्न पर चलने वाली रची-बसी, संगठित, प्रशिक्षित और फंडेड आतंकवादी रणनीति को उजागर करती हैं।
लेकिन भारत आज पहले जैसा भारत नहीं है।
देश की सुरक्षा एजेंसियां अब निर्णायक लड़ाई में उतर चुकी हैं — और आतंकवाद के पूरी तरह सफाए का समय अब बहुत करीब है।

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