Chief Secretary of Rajasthan: वी. श्रीनिवास बने नए मुख्य सचिव
Chief Secretary of Rajasthan होंगे वी. श्रीनिवास
Chief Secretary of Rajasthan वी. श्रीनिवास: केंद्र की मंजूरी के बाद राजस्थान के नए मुख्य सचिव नियुक्त
राजस्थान में प्रशासनिक नेतृत्व में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी V. Srinivas को राज्य का Chief Secretary of Rajasthan नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्वीकृति दी है। यह नियुक्ति न केवल उनके व्यापक अनुभव को दर्शाती है, बल्कि राजस्थान सरकार द्वारा नए दृष्टिकोण तथा दक्ष प्रशासन की ओर उठाया गया कदम भी माना जा रहा है।
अनुभव एवं पृष्ठभूमि
शिक्षा व जल्दी करियर की शुरुआत
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वी. श्रीनिवास का जन्म 1 सितंबर 1966 को हुआ था
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उन्होंने हैदराबाद की Osmania University के कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech तथा M.Tech की डिग्री हासिल की है।
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केवल 22 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने IAS परीक्षा पास कर 1989 बैच में राजस्थान कैडर से सेवा आरंभ की
राज्य व केंद्र में विविध जिम्मेदारियाँ
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राजस्थान कैडर के रूप में उन्होंने विभिन्न जिला व विभागीय पदों पर कार्य किया है, जैसे कि पाली एवं जोधपुर में कलेक्टर, वित्त एवं योजना विभाग में सचिव।
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केंद्र सरकार में उनके कार्यकाल में प्रमुख विभागों में कार्य रहा है — जैसे कि मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स, मिनिस्ट्री ऑफ़ कल्चर, और साथ ही उन्हें International Monetary Fund, वाशिंगटन डी.सी. में भारत की ओर से सलाहकार के रूप में भेजा गया।
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उन्होंने International Institute of Administrative Sciences (IIAS) के अध्यक्ष के रूप में भी निर्वाचन जीता है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा का वैश्विक प्रभाव दर्शाता है।
नई नियुक्ति का अर्थ
राजस्थान प्रशासन में बदलाव की उम्मीद
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केंद्र सरकार द्वारा श्रीनिवास का राजस्थान कैडर में वापस भेजा जाना इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार दक्ष, अनुभवी नेतृत्व चाहते हैं।
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उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि (इंजीनियरिंग) और डिजिटल स्वास्थ्य प्रशासन जैसे प्रोजेक्ट्स में अनुभव (जैसे कि e-Hospital सिस्टम) इसे और आकर्षक बनाते हैं।
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मुख्य सचिव के रूप में उनसे यह अपेक्षा है कि राजस्थान में शासन व्यवस्था में तकनीक, पारदर्शिता और गति लाएंगे।
चुनौतियाँ व कार्यक्षेत्र
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उल्लेखनीय है कि श्रीनिवास का सेवा-काल 1989 बैच का है और उनकी सेवानिवृत्ति सितंबर 2026 में निर्धारित है। इसलिए कार्यकाल तुलनात्मक रूप से छोटा हो सकता है।
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राजस्थान जैसे विविध और व्यापक प्रदेश में थोक प्रशासनिक सुधार, डिजिटलरण और लोक शिकायतों की प्रणाली को बेहतर करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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राज्य सरकार, नीति निर्माण व लागू करने वाली मशीनरी के बीच संतुलन बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
भविष्य की दिशा
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श्रीनिवास के नेतृत्व में राजस्थान में डिजिटल सरकार, कुशल सेवा वितरण और लोक शिकायत प्रणाली में सुधार देखने को मिल सकता है।
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साथ ही राज्य-केन्द्र समन्वय के नए आयाम खुल सकते हैं, क्योंकि उनका केंद्र में अनुभव उन्हें इस संबंध में सक्षम बनाता है।
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अगर कार्यकाल के दौरान समयबद्ध प्रशासनिक सुधार हुए, तो यह राजस्थान के प्रशासनिक आधुनिकरण में मील का पत्थर बन सकता है।
वी. श्रीनिवास के प्रमुख प्रोजेक्ट्स
1. डिजिटल AIIMS प्रोजेक्ट
दिल्ली AIIMS में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में वी. श्रीनिवास ने भारत के सबसे सफल अस्पताल डिजिटलाइजेशन मॉडल — Digital AIIMS — की नींव रखी।
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ई-हॉस्पिटल सिस्टम लागू किया
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लंबी कतारों को खत्म करने में मदद
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ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, रिपोर्ट और रिकॉर्ड सिस्टम
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इस मॉडल को बाद में पूरे देश के सरकारी अस्पतालों में लागू किया गया
यह प्रोजेक्ट भारत में डिजिटल हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जाता है।
2. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग में सुधार
केंद्र में सचिव रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण नागरिक-केंद्रित परियोजनाओं को बढ़ावा दिया:
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Public Grievance Redressal System का मॉडर्नाइजेशन
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CPGRAMS को अधिक तेज और परिणाम-मुखी बनाया
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मंत्रालयों के बीच grievance-tracking को तकनीक आधारित बनाया
3. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई
उन्हें 2025–28 अवधि के लिए International Institute of Administrative Sciences (IIAS) का अध्यक्ष चुना गया।
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141 में से 87 वोट
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इतिहास में पहली बार कोई भारतीय इस पद पर
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इससे भारत की प्रशासनिक नीति-निर्माण क्षमता को वैश्विक पहचान मिली
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